ई-पंजीकरण के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन चौथे दिन भी जारी, 27 जून तक अदालतों में न्यायिक कार्य ठप
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजीकरण की ओर बढ़ता कदम बताते हुए जनपद के अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन आज चौथे दिन भी तहसील परिसर में पूरी एकजुटता के साथ जारी रहा। इस कलमबंद हड़ताल के कारण आगामी 27 जून तक न्यायालयों में न्यायिक गतिविधियां पूरी तरह शून्य रहने की संभावना है

अकबरपुर/कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजीकरण की ओर बढ़ता कदम बताते हुए जनपद के अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन आज चौथे दिन भी तहसील परिसर में पूरी एकजुटता के साथ जारी रहा। इस कलमबंद हड़ताल के कारण आगामी 27 जून तक न्यायालयों में न्यायिक गतिविधियां पूरी तरह शून्य रहने की संभावना है। इस संबंध में अधिवक्ता समिति अकबरपुर ने जिलाधिकारी सहित सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों (SDMs) को एक प्रतिवेदन सौंपा है, जिसमें आग्रह किया गया है कि हड़ताल के चलते वादकारियों को इस अवधि में कोई नई तारीख न दी जाए। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष विपिन चन्द्र दीक्षित ने बताया कि परिषद के उच्चाधिकारी प्रदेश शासन के लगातार संपर्क में हैं ताकि इस समस्या का कोई न्यायसंगत और उचित समाधान निकाला जा सके। उन्होंने वादकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए न्यायिक अधिकारियों से अपील की है कि 27 जून के बाद इन मामलों में अगली सामान्य तिथि नियत की जाए ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। आज चौथे दिन भी अकबरपुर तहसील परिसर में अध्यक्ष विपिन चन्द्र दीक्षित की अगुवाई में कुमार कृष्ण श्रीवास्तव, अवशेष कुमार पांडेय, अनिल कुमार तिवारी, विमल कुमार सविता, सोम नरेश श्रीवास्तव, सुरेन्द्र पाल शर्मा, शिव करन सिंह सेंगर, दिलीप कुमार श्रीवास्तव और अजय कुमार द्विवेदी सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने ‘अधिवक्ता एकता अमर रहे’ के गगनभेदी नारे लगाते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से बुलंद किया।



