कानपुर देहात: खुदाई में मिले सोने का लालच देकर 10 लाख ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पति की हत्यारिन समेत पांच गिरफ्तार
अकबरपुर पुलिस ने शिवली के व्यापारी से हुई धोखाधड़ी का किया खुलासा

- रनिया में मेडिकल स्टोर संचालक को शिकार बनाने की थी अगली योजना
कानपुर देहात जिले की अकबरपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भोले-भाले लोगों को खुदाई में मिला सोना बताकर नकली जेवरात थमा देते थे और लाखों रुपये लूट लेते थे। पुलिस ने इस मामले में चार पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह में शामिल महिला इतनी शातिर है कि वह 2014 में अपने ही पति की हत्या के आरोप में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट चुकी है।
इस पूरे मामले की शुरुआत 12 मार्च 2026 को हुई, जब शिवली कस्बे के शिवाजी नगर निवासी कपड़ा व्यापारी फैयाज अली ने अकबरपुर थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। फैयाज ने पुलिस को बताया कि सितंबर 2025 में उनकी दुकान पर एक महिला और दो पुरुष आए थे। कपड़े खरीदने के दौरान उन्होंने फैयाज को विश्वास में लिया और बताया कि उन्हें मजदूरी के दौरान खुदाई में सोने-चांदी के जेवरात मिले हैं, जिन्हें वे सस्ते में बेचना चाहते हैं।
ठगों ने असली सोने का एक मनका निकालकर फैयाज को जांच के लिए दिया। जब व्यापारी ने मनके की जांच कराई तो वह असली निकला। लालच में आकर फैयाज उनके झांसे में आ गए। इसके बाद ठगों ने उन्हें अकबरपुर पुल के पास बुलाया और असली सोने की जगह पीतल की माला थमाकर 10 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब व्यापारी ने उस माला की जांच कराई तो वह पीतल की निकली।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इसी कड़ी में 14 मार्च को अकबरपुर पुलिस टीम बनार अलीपुर बंबा पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। तभी पेड़ के नीचे खड़े पांच संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखनऊ निवासी पपिया उर्फ प्रभु, बुलंदशहर निवासी मोहन और लाल सिंह, और उन्नाव निवासी किशन व शांति देवी के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपनी मोडस ऑपरेंडी (काम करने का तरीका) का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे समूह में घूमकर स्थानीय दुकानदारों को निशाना बनाते थे। जांच के लिए वे असली सोने का मनका देते थे और सौदा तय होने पर पीतल की माला थमाकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने कबूल किया कि शिवली के व्यापारी से ठगे गए 10 लाख रुपये उन्होंने आपस में बांट लिए थे। पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले वे रनिया रायपुर क्षेत्र के एक मेडिकल स्टोर संचालक को भी इसी तरह ठगने की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से ठगी के बचे हुए 21 हजार रुपये नकद, 1.724 किलोग्राम वजनी पीतल धातु की माला और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराकर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
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