गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है: सीडीओ
77वाँ गणतंत्र दिवस जनपद कानपुर देहात में पूर्ण गरिमा, अनुशासन एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कानपुर देहात। जनपद कानपुर देहात में 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गरिमा, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विकास भवन परिसर में मुख्य कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया।
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जनवरी का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ, जिसने देश को एक सशक्त लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया। उन्होंने संविधान के मूल सिद्धांतों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व—पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ये मूल्य हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं और इन्हें अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना प्रत्येक नागरिक एवं शासकीय सेवक का कर्तव्य है।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है। यह दिन हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने का संदेश देता है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विकास प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि योजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्ता के साथ एवं पारदर्शी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय, उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा जनता के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाएं।
कार्यक्रम के दौरान विकास भवन परिसर को राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे रंगों की सजावट, बैनर एवं अन्य सजावटी सामग्री से आकर्षक रूप से सजाया गया था। परिसर में चारों ओर देशभक्ति गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी, जिससे उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों में राष्ट्र के प्रति गर्व एवं समर्पण की भावना और अधिक प्रबल हुई।
इस अवसर पर संविधान की प्रस्तावना के आदर्शों को स्मरण करते हुए सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता बनाए रखने, संविधान के प्रति निष्ठावान रहने तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब प्रशासन और जनता मिलकर सहभागिता की भावना से कार्य करें।
मुख्य कार्यक्रम के अतिरिक्त विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा राष्ट्रगान का आयोजन किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि आज का दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं संविधान निर्माताओं को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है, जिनके त्याग, संघर्ष एवं दूरदर्शिता के कारण हमें एक सशक्त, स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र प्राप्त हुआ। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता, ईमानदारी एवं सेवा भावना को अपनाना चाहिए।
समारोह के अंत में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं तथा राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य हेतु सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करे, तो निश्चित रूप से देश विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।
इस अवसर पर उपायुक्त स्वत: रोजगार, उपायुक्त श्रम रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आदि अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, गरिमा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा, जिससे 77वें गणतंत्र दिवस का यह आयोजन जनपद कानपुर देहात में एक यादगार एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ।



