‘फर्जी दरोगा’ गिरफ्तार: 62 जिलों की 1019 FIR का इस्तेमाल कर करता था ठगी, लाखों की वसूली
कानपुर देहात पुलिस (मंगलपुर & SOG) की बड़ी सफलता, 'निगम यादव' पकड़ा गया; 44 क्यूआर कोड और ₹10 हजार बरामद

कानपुर देहात: कानपुर देहात पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना मंगलपुर पुलिस और एसओजी (SOG) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो फर्जी अधिकारी/दरोगा बनकर मुकदमे खत्म कराने के नाम पर लोगों से ठगी करता था।
फर्जी अधिकारी बनकर करता था कॉल
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान निगम यादव (पुत्र अखिलेश यादव, निवासी निवाड़ी, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। अभियुक्त को मुखबिर की सूचना पर 11.12.2025 को हवासपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ अजय कुमार (फरीदापुर, मंगलपुर) की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें उसने फर्जी विजिलेंस टीम कानपुर देहात का दरोगा बनकर बिजली का बिल कम कराने और मुकदमा खत्म करने के नाम पर ₹25,000 की मांग की थी।
62 जनपदों की 1019 FIR मिलीं
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त निगम यादव के पास से बेहद चौंकाने वाला सामान बरामद हुआ। पुलिस ने उसके कब्जे से ₹10,000 नकद, दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन, और एक मोटरसाइकिल बरामद की।
पूछताछ में पता चला कि अभियुक्त के मोबाइल फोन में 62 जनपदों से संबंधित 1019 एफआईआर और 44 क्यूआर कोड मिले हैं। अभियुक्त इन एफआईआर को यूपी कॉप ऐप और ‘मेरी पंचायत’ ऐप से डाउनलोड करता था। फिर, वह इन एफआईआर के आरोपियों का नंबर प्राप्त कर उन्हें मुकदमा खत्म कराने का लालच देता था। वह फर्जी अधिकारी बनकर धमकी देता और क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे मंगवाता था।
अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने 07.12.2025 को अजय कुमार से राजा ढाबा के पास ₹10,000 जबरदस्ती लिए थे और ₹15,000 और की मांग पूरी न होने पर धमकाया था। बरामद ₹10,000 वही ठगी की रकम है।
इस हाई-प्रोफाइल ठगी के खुलासे के बाद थाना मंगलपुर में दर्ज मुकदमे में संबंधित धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
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