कानपुर देहात में पुलिस और गौतस्करों के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद राजस्थान के दो शातिर गिरफ्तार
जिले में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शिवली थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

कानपुर देहात। जिले में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शिवली थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 16 और 17 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर गौतस्करों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी राजस्थान के कोटा जिले के रहने वाले हैं और इनका एक लंबा आपराधिक इतिहास है।
घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शिवली पुलिस टीम बैरी मैथा रोड पर हृदयपुर मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने एक बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने भागने के लिए बाइक की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे वे अनियंत्रित होकर गिर गए। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे घायल हो गए।
पुलिस की पूछताछ में घायलों ने अपना नाम मोहर सिंह और राजू बताया है। दोनों आरोपी राजस्थान के कोटा जिले के सुकेत थाना क्षेत्र स्थित टीन टपरिया के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, कई कारतूस, दो मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। इन बदमाशों ने बीती 11 दिसंबर को शिवली क्षेत्र में हुई एक गौतस्करी की घटना में भी अपनी संलिप्तता कबूल की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों अपराधी अंतरराज्यीय स्तर पर अपराध करते हैं। इनके खिलाफ कानपुर देहात, कानपुर नगर और हरदोई समेत विभिन्न जनपदों में आधा दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर एक्ट, गौवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता और पुलिस पर जानलेवा हमले जैसी संगीन धाराएं शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।



