कानपुर देहात: पुलिस उपमहानिरीक्षक ने अपराध गोष्ठी में कसी कमर, कानून व्यवस्था की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश
लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई पर दिया जोर

कानपुर देहात: आज पुलिस लाइन सभागार कक्ष में पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर हरीश चन्दर द्वारा अपराध गोष्ठी कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गयी। पुलिस अधीक्षक जनपद कानपुर देहात, समस्त क्षेत्राधिकारीगण तथा समस्त थाना प्रभारी गोष्ठी में शामिल हुए तथा गोष्ठी में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, महिला अपराधों, एवं बच्चों के प्रति अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया।
गोष्ठी में निम्नांकित बिन्दुओं पर विशेष चर्चा एवं समीक्षा की गई:
लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण: महोदय द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि थाना स्तर पर लंबित विवेचनाओं एवं प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष बल दिया गया ताकि न्यायालयों में दोषसिद्धि की दर को बढ़ाया जा सके।
गैंगस्टर एक्ट की प्रभावी कार्रवाई: आपराधिक प्रवृत्ति के तत्वों एवं गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। भू-माफियाओं एवं सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध चिन्हित कर अभियोग पंजीकृत करने पर जोर दिया गया।
एनडीपीएस एक्ट की समीक्षा: मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार पर रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की गई। युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बचाने के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत और अधिक प्रभावी कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।
महिला अपराधों पर नियंत्रण: महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों (जैसे छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, छेड़खानी आदि) को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने हेतु वन-स्टॉप सेंटर एवं मिशन शक्ति केन्द्र की सक्रियता बनाए रखने पर बल दिया गया।
बच्चों के प्रति अपराध: बच्चों से संबंधित अपराधों जैसे बाल श्रम, गुमशुदगी एवं उनके विरुद्ध होने वाले अन्य अपराधों की समीक्षा की गई। बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को सक्रिय रहने और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता से कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए गए।
पुलिस उपमहानिरीक्षक ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच मैत्रीपूर्ण एवं भरोसेमंद होनी चाहिए। उन्होंने अधीनस्थों को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने का मंत्र दिया। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन अपने-अपने थाना पर जन-सुनवाई करें एवं थाने पर आने वाले आगन्तुकों/ फरियादियों/ जनप्रतिनिधियों/पत्रकार बंधुओं के साथ विनम्र व शालीन व्यवहार करें, जिससे कि आम जनता बिना किसी भय के अपनी शिकायतों के निस्तारण हेतु थानों पर आ सके । पुलिस अधीक्षक महोदया ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय के दिशा-निर्देशों को तत्परता से लागू करें और जनपद में कानून-व्यवस्था कायम रखें।
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