
राजेश कटियार, नई दिल्ली। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस नए कानून का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो समय रहते अपने बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र या परिवार के किसी सदस्य का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनवाते हैं।
इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य नागरिक आंकड़ों को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाना तथा फर्जी प्रमाण पत्रों के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाना है। नए नियमों के लागू होने के बाद, निर्धारित समय सीमा बीत जाने पर प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक कड़ा और जवाबदेह बना दिया गया है।
इस नए कानून के तहत विलंबित पंजीकरण (देरी से होने वाले पंजीकरण) की प्रक्रिया को दो अलग-अलग सख्त श्रेणियों में विभाजित किया गया है। संशोधित धारा 13(3) के अनुसार यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के एक वर्ष बीत जाने के बाद लेकिन दो वर्ष के भीतर स्थानीय पंजीकार (रजिस्ट्रार) को दी जाती है तो इसका पंजीकरण सीधे नहीं होगा।
इसके लिए अब जिला दंडाधिकारी (डीएम), उप-प्रभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) या जिला दंडाधिकारी द्वारा विशेष रूप से अधिकृत किसी कार्यकारी दंडाधिकारी के लिखित आदेश की आवश्यकता होगी, जो घटना के तथ्यों और प्रामाणिकता की पूरी जांच करने के बाद ही अनुमति जारी करेंगे। साथ ही इसके लिए सरकार द्वारा तय किए गए विलंब शुल्क का भुगतान भी अनिवार्य होगा। यदि पंजीकरण में दो वर्ष से अधिक की देरी होती है तो नियम और भी अधिक कठोर कर दिए गए हैं।
ऐसी स्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों के पास से अधिकार हटाकर सीधे न्यायपालिका को सौंप दिए गए हैं। अब दो साल से अधिक पुराने मामलों में जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र केवल उसी क्षेत्र के प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय के औपचारिक आदेश पर ही पंजीकृत किया जा सकेगा। माननीय न्यायालय घटना की सत्यता की गहन न्यायिक जांच करेगा और संतुष्ट होने पर ही प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश देगा।
इस नियम को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के कानूनी प्रावधानों के साथ जोड़ा गया है जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के दस्तावेजी फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोका जा सके। कानूनी झंझटों और अदालती चक्करों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घटना के तुरंत बाद निर्धारित 21 दिनों के भीतर ही पंजीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा कर लें।



