सड़क सुरक्षा माह: घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ₹25,000 का इनाम, परिवहन विभाग ने दी जानकारी
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 100 से अधिक वाहनों का किया गया चालान।
कानपुर देहात में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के सातवें दिन बुधवार को परिवहन विभाग ने जन-जागरूकता और प्रवर्तन की दोहरी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सोमलता यादव ने आम जनमानस को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति सजग किया। इस दौरान सड़क दुर्घटना में पीड़ितों की मदद करने वाले ‘नेक मददगारों’ के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि और कैशलेस उपचार योजना के बारे में विस्तार से बताया गया।
राहवीर योजना और गोल्डन ऑवर का महत्व
अभियान के दौरान सोमलता यादव ने ‘राहवीर योजना’ की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद ‘स्वर्णिम एक घंटा’ (Golden Hour) किसी भी घायल के जीवन के लिए सबसे कीमती होता है। यदि कोई व्यक्ति घायल को इस एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाता है, तो उसे ₹25,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सरकारी कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की सुविधा भी उपलब्ध है। परिवहन विभाग ने पैम्फलेट बांटकर लोगों से अपील की कि वे किसी डर के बिना मानवता के नाते दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएं।
स्कूली वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ा प्रहार
जागरूकता के साथ-साथ सड़क पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की गई। परिवहन विभाग की टीम ने स्कूली वाहनों की सघन जांच की, जिसमें सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा मानक पूरे न होने पर दो स्कूली वाहनों का चालान किया गया। प्रवर्तन अभियान के तहत कुल मिलाकर बड़ी संख्या में चालान काटे गए:
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उल्टी दिशा में वाहन चलाने वाले 20 वाहनों पर कार्यवाही।
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बिना हेलमेट (57) और बिना सीट बेल्ट (21) वाहन चलाने वालों पर शिकंजा।
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बिना फिटनेस (05), बिना परमिट (03) और बिना रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप (08) के संचालित वाहनों का चालान।
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