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फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हथियाने वालों पर चलेगा सरकार का हंटर

बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग बनकर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की अब जांच होगी। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के मूल अभिलेखों को पहले ही मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इसमें सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों को भी अपलोड किया गया है।

कानपुर देहात,अमन यात्रा । बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग बनकर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की अब जांच होगी। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के मूल अभिलेखों को पहले ही मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इसमें सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों को भी अपलोड किया गया है। इनमें दिव्यांग शिक्षकों की सूचना अलग से मांगकर मेडिकल बोर्ड से विकलांगता की जांच कराने को कहा गया था लेकिन विभाग ने यह काम नहीं किया। अब शासन ने शिक्षा अधिकारियों से पुन: ऐसे अध्यापकों की सूची मांगी है। अब सबसे पहले विभाग को सभी शिक्षकों के नियुक्ति पत्र देखकर यह पता लगाना होगा कि कितने शिक्षकों ने विकलांग सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हासिल की है उसके उपरांत मेडिकल बोर्ड से उनकी विकलांगता की जांच करवानी होगी। उसके बाद ही उक्त सूचना गूगल सीट पर फीड करवाई जा सकेगी एवं सत्यापन रिपोर्ट की हार्ड कॉपी भेजी जा सकेगी।

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बता दें बेसिक शिक्षा विभाग में ऐसे भी दिव्यांग शिक्षक हैं, जो तबादला और प्रमोशन लेने में दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाते हैं। वह दिव्यांगता भत्ता लेने से कतराते हैं कि कहीं पकड़ न जाएं। बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय ने बताया कि अभी हमें दिव्यांग शिक्षकों की वास्तविक संख्या ज्ञात नहीं है। दिव्यांग श्रेणी में जितने भी शिक्षकों की नियुक्ति हुई है जोकि वर्तमान में कार्यरत हैं की जानकारी एकत्र की जायेगी व सम्बंधित को भेज दी जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई शिक्षक गलत सूचना देता है तो उसकी नौकरी भी जा सकती है।

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