जालौन: यूपी में श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा: ई-श्रम पंजीकरण में प्रदेश देश में प्रथम
8 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत, दुर्घटना पर 2 लाख तक का लाभ और 3000 रुपये मासिक पेंशन

उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश श्रमशक्ति के मामले में देश का सबसे समृद्ध प्रदेश है। प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है, जहां अब तक 839 लाख (लगभग 8.39 करोड़) से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं।
इन पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु कई योजनाएं चलाई जा रही हैं:
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ई-श्रम एक्स ग्रेसिया: किसी दुर्घटना में श्रमिक की मृत्यु होने पर आश्रितों को 2 लाख रुपये और दिव्यांगता पर 1 लाख से 2 लाख रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 205 आवेदनों पर अनुदान भुगतान की स्वीकृति दी जा चुकी है।
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वृद्धावस्था पेंशन: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) के तहत 60 वर्ष पूरे होने पर असंगठित श्रमिकों को 3,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। इसी तरह स्वरोजगारियों के लिए भी नेशनल पेंशन स्कीम-ट्रेडर्स योजना लागू है। उत्तर प्रदेश में अब तक 6.95 लाख से अधिक श्रमिकों ने PMSYM और 15,747 स्वरोजगारियों ने ट्रेडर्स योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा प्राप्त की है।
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सरकारी पहचान: श्रमिकों को ‘एक परिवार एक पहचान पत्र’ (फैमिली आईडी) और राशन कार्ड उपलब्ध कराने की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है। राज्य नियोजन विभाग के माध्यम से कुल 708 लाख पात्र असंगठित श्रमिकों को फैमिली आईडी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा पात्र किन्तु राशन कार्ड से वंचित 35 लाख से अधिक श्रमिकों को नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इससे अब सभी पात्र श्रमिक मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं।ये भी पढ़े- कानपुर देहात: बिजली बिल राहत योजना: बकायेदारों को बड़ी राहत, सरचार्ज होगा 100% माफ



