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कर्मचारियों की होगी मौज, नए साल पर बढ़ेगा 5 फीसदी डीए

देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे जारी हो चुके हैं। इस चुनाव में बीजेपी को 3 बड़े राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में धमाकेदार जीत मिली है। बीजेपी की इस सफलता से ना सिर्फ शेयर बाजार उत्साहित है बल्कि केंद्रीय कर्मचारियों की भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।

लखनऊ / कानपुर देहात। देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे जारी हो चुके हैं। इस चुनाव में बीजेपी को 3 बड़े राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में धमाकेदार जीत मिली है। बीजेपी की इस सफलता से ना सिर्फ शेयर बाजार उत्साहित है बल्कि केंद्रीय कर्मचारियों की भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जनवरी 2024 से शुरू हो रही साल की पहली छमाही के लिए 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता यानी डीए बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा है तो केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाएगा। इससे केंद्रीय कर्मचारियों के एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस में भी बढ़ोतरी होगी।

क्यों 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद-

एआईसीपीआई इंडेक्स के अक्टूबर महीने तक के आंकड़ों के मुताबिक सूचकांक 138.4 अंक पर है। एक महीने पहले के मुकाबले इंडेक्स में 0.9 अंकों का उछाल है। हालांकि नवंबर और दिसंबर महीने के आंकड़ों का इंतजार है लेकिन अब तक के पैटर्न को देखने पर अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी से जून 2024 तक के लिए महंगाई भत्ते में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। बता दें कि एआईसीपीआइ इंडेक्स से ही महंगाई भत्ते का स्कोर तय होता है। इंडेक्स में अलग-अलग क्षेत्र के आंकड़े दर्शाते जाते हैं कि महंगाई कितनी है और इसकी तुलना में केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता कितना बढ़ाए जाने की जरूरत है।

चुनाव की वजह से भी उम्मीद-

जानकार मानते हैं कि साल 2024 की पहली छमाही में कई ऐसी अनुकूल परिस्थितियां हैं जिस वजह से 5 प्रतिशत भत्ता बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है। दरअसल पहली छमाही में ही लोकसभा चुनाव भी होने वाला है। इस चुनाव को ध्यान में रखकर भी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या 50 लाख से ज्यादा है तो वहीं पेंशनकर्मी की संख्या भी 64 लाख के आसपास है। कहने का मतलब है कि सरकार के 5 प्रतिशत बढ़ोतरी के फैसले का असर 1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा। यह चुनाव के नजरिए से भी मजबूत आंकड़ा है।

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