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कानपुर देहात: जिलाधिकारी ने की जनपदीय स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

गर्भवती महिलाओं व बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी

Story Highlights
  • ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव
  •  फॉगिंग तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता से किया जाये क्रियान्वित : जिलाधिकारी

कानपुर देहात: जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जनपदीय स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, तथा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण को सुनिश्चित करना, मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियानों को गति देना, तथा डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में चिन्हित सुधार बिंदुओं पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना रहा।

बैठक की शुरुआत में गत बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाने, मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, तथा जननी सुरक्षा योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने हेतु ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। जिलाधिकारी ने मातृत्व मृत्यु के मामलों पर विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक मामले की गहन समीक्षा कर कारणों की पहचान की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दें और इसके लिए जनजागरूकता बढ़ाई जाए।

बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाना सुनिश्चित करें, तथा कमजोर बच्चों की पहचान कर उनके उपचार एवं पोषण सुधार हेतु ठोस कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि के प्रसार को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। सभी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। जिलाधिकारी ने टीकाकरण, आभा आईडी, टीवी नियंत्रण, तंबाकू उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम आदि की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ द्वारा किए गए तृतीय पक्ष सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वेक्षण में सामने आए बिंदुओं के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर अमल किया जाए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अभिशाषी अधिकारी नगरीय निकाय को निर्देशित किया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान अन्तर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया जाए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, सीएमएस वंदना सिंह, सभी एमओआईसी, ईओ, एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

aman yatra
Author: aman yatra

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