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कानपुर देहात पुलिस, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत, दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

15 अक्टूबर 2025 को, कानपुर देहात पुलिस ने "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना भोगनीपुर से संबंधित एक मामले में, माननीय न्यायालय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट (एडीजे/एफटीसी) प्रथम, कानपुर देहात

कानपुर देहात। कानपुर देहात पुलिस ने “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना भोगनीपुर से संबंधित एक मामले में, माननीय न्यायालय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट (एडीजे/एफटीसी) प्रथम, कानपुर देहात ने एक नाबालिग से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को दोषी ठहराते हुए, 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹10,000/- के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले का विवरण:
घटना 17 सितंबर 2023 की है, जब अभियुक्त वीरेन्द्र उर्फ गुलाबी पुत्र चन्द्रशेखर दुबे, निवासी ग्राम मुहाना, थाना गजनेर, जनपद कानपुर देहात (हाल पता दीक्षिताइनपुरवा मजरा छतैनी, थाना भोगनीपुर) ने वादी की 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में, थाना भोगनीपुर पर मु0अ0सं0 305/2023 धारा 376/323/506 भारतीय दंड संहिता (भादवि) और 3/4 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
त्वरित और प्रभावी पुलिस कार्रवाई:
विवेचक ने मामले की गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए, वास्तविक तथ्यों के आधार पर साक्ष्य संकलन किया। विवेचना पूर्ण होने के बाद, मात्र 16 दिनों के भीतर, 03 अक्टूबर 2023 को अभियुक्त वीरेन्द्र उर्फ गुलाबी के विरुद्ध माननीय न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी:
पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधी को सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर, थाना भोगनीपुर पुलिस, कोर्ट पैरवीकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल ने निरंतर और प्रभावी पैरवी की। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के सटीक बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी सिद्ध किया गया।
न्यायालय का निर्णय:
माननीय न्यायालय एडीजे/एफटीसी प्रथम, जनपद कानपुर देहात ने दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को अभियुक्त वीरेन्द्र उर्फ गुलाबी को दोषी करार देते हुए, 10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10,000/- (दस हजार रुपये) के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अभियुक्त को 10 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह फैसला समाज में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह सुनिश्चित करता है कि जघन्य अपराधों के दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले। यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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