आशापुरवा में मिट्टी के वर्तन बनाने वाले कारीगर की हार्ट अटैक से मौत
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के विकासखंड मलासा के ग्राम पंचायत बिहार का मजरा आशापुरवा में मिट्टी के वर्तन बनाने वाले कारीगर 50 वर्षीय कैलाश की हार्ट अटैक के चलते मौत हो गई।गुरुवार दोपहर अचानक तबियत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए कार्डियोलॉजी कानपुर ले गए।जहां रात्रि करीब 9 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

पुखरायां।भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के विकासखंड मलासा के ग्राम पंचायत बिहार का मजरा आशापुरवा में मिट्टी के वर्तन बनाने वाले कारीगर 50 वर्षीय कैलाश की हार्ट अटैक के चलते मौत हो गई।गुरुवार दोपहर अचानक तबियत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए कार्डियोलॉजी कानपुर ले गए।जहां रात्रि करीब 9 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।शुक्रवार को परिजनों ने दुर्वासा ऋषि घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।आशापुरवा गांव निवासी सुरेश कुमार उर्फ छुटके डॉक्टर ने बताया कि उनके बड़े भाई कैलाश उम्र करीब 50 वर्ष घर पर मिट्टी के वर्तन बनाने का काम करते थे।गुरूवार दोपहर घर पर काम करते समय अचानक सीने में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें उपचार के लिए आनन फानन में कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।जहां इलाज के दौरान रात्रि करीब 9 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।कैलाश सात भाइयों में सबसे बड़े थे।वह अपने पीछे अपनी पत्नी रामजानकी,चार पुत्र व एक पुत्री छोड़ गए हैं।जिनका रो रो कर बुरा हाल था।शुक्रवार भोर पहर उनका पार्थिव शरीर जैसे ही गांव आशापुरवा पहुंचा।परिजनों में कोहराम मच गया व इलाके में शोक छा गया।बड़ी संख्या में ग्रामवासी व क्षेत्रवासी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने दुर्वासा ऋषि घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।सैकड़ों की तादात में क्षेत्रवासियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी एवं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।इस मौके पर लल्ला सिंह,जगत सिंह बाबा होटल बिहारी,चरन सिंह यादव,बड़े लाला,छुटकन पाल,बाबूजी सविता,सुरेश पाल,वीरेंद्र पाल,शशांक पांडेय समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।



