कानपुर देहात में गैंगस्टर एक्ट के अपराधी को दो वर्ष का कारावास
वर्ष 2011 के गैंगस्टर एक्ट मामले में अभियुक्त भूरा को हुई सजा।

कानपुर देहात के थाना रूरा क्षेत्र से संबंधित एक पुराने मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2011 से चल रहे गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में आरोपी भूरा को सजा सुनाते हुए कानून के इकबाल को बुलंद किया गया है। यह सफलता उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप मिली है।
अपराध और कानूनी कार्यवाही का सफर
यह मामला 23 अक्टूबर 2011 का है, जब अकबरपुर के मेवाती मोहाल निवासी भूरा पुत्र शोएब खां के खिलाफ विभिन्न समाज विरोधी गतिविधियों और गिरोह बनाकर अपराध करने के आरोप में थाना रूरा पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 जुलाई 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस और अभियोजन पक्ष लगातार मामले की पैरवी कर रहे थे।
ऑपरेशन कन्विक्शन और प्रभावी पैरवी
आम जनमानस को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना रूरा पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन विभाग और मॉनिटरिंग सेल ने मिलकर न्यायालय में सशक्त पैरवी की। गवाहों को समय पर पेश करने और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से रखने के कारण आरोपी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।
न्यायालय का कड़ा फैसला
साक्ष्यों के दबाव और प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्त भूरा ने न्यायालय के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके आधार पर एडीजे-6/गैंगस्टर एक्ट न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 02 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, दोषी पर 5000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। यदि दोषी अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे 02 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस सजा से समाज में शांति व्यवस्था बनी रहेगी और अपराधियों को सख्त संदेश जाएगा।
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