कानपुर देहात में निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण, नोडल अधिकारी ने गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
आलमचाँदपुर के इन्क्यूबेशन सेंटर और अकबरपुर के मॉडल स्कूल में मिली खामियाँ, अधिकारियों को लगाई फटकार

- आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने कानपुर देहात का निरीक्षण किया।
- आलमचाँदपुर में ₹344 लाख की लागत से बने इन्क्यूबेशन सेंटर में बिना उपकरण लगाए ही भुगतान कर दिया गया।
- नोडल अधिकारी ने गुणवत्ता में कमी पर सख्त नाराजगी जताते हुए जाँच के आदेश दिए।
- अकबरपुर में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का भी जायजा लिया।
- उन्होंने ठेकेदार और अधिकारियों को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का निर्देश दिया।
कानपुर देहात। ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त और नोडल अधिकारी जी.एस. प्रियदर्शी ने सोमवार को कानपुर देहात का दौरा कर दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ पाईं और अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया और तय समय में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए।
इन्क्यूबेशन सेंटर में बिना काम के हुआ भुगतान
नोडल अधिकारी जी.एस. प्रियदर्शी ने सबसे पहले आलमचाँदपुर में लगभग 344 लाख रुपये की लागत से बने कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का निरीक्षण किया। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि यह परियोजना पीएमएफ़एमई के तहत बनी है। निरीक्षण में पता चला कि उपकरणों को स्थापित किए बिना ही मंडल स्तर पर इसका भुगतान कर दिया गया था। इस पर नोडल अधिकारी ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द इसकी गुणवत्ता और किए गए कामों का सत्यापन करके शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया।
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मॉडल स्कूल का निरीक्षण
इसके बाद उन्होंने अकबरपुर ब्लॉक में बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का जायजा लिया। यह परियोजना ₹2326.94 लाख की लागत से चल रही है, जिसका काम 19 मई 2025 को शुरू हुआ था और 18 नवंबर 2026 तक पूरा होना है।
निरीक्षण के दौरान, मुख्य भवन का ढाँचा (superstructure) पूरा हो चुका था और प्लास्टर का काम चल रहा था। बाल वाटिका और मल्टीपरपज हॉल का निर्माण भी लिंटर लेवल तक पूरा हो गया था। नोडल अधिकारी ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सभी काम अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस विद्यालय से ग्रामीण बच्चों को भी आधुनिक और उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता की जाँच पीडब्ल्यूडी और किसी तीसरी एजेंसी से अलग-अलग कराने का भी आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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