लखनऊ

सुखद : आज से खुले प्राइमरी स्‍कूल, कोव‍िड प्रोटोकॉल का किया गया पालन

UP School Reopening लगभग साढ़े 11 महीने बाद शुरू हुई प्राइमरी स्‍कूलों में पढ़ाई। परिषदीय विद्यालयों में संचालित होगा 100 दिवसीय प्रेरणा ज्ञानोत्सव। बेसिक शिक्षा परिषद की समयसारिणी के मुताबिक परिषदीय स्कूल पहली मार्च से सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक संचालित होंगे।

लखनऊ,अमन यात्रा : कोरोना महामारी के कारण पिछले साढ़े ग्यारह महीने से बंद प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी प्राइमरी स्कूलों में सोमवार से रौनक लौटी। स्कूल बच्चों की पढ़ाई के लिए खुले। शासन ने स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी मानक प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा परिषद की समयसारिणी के मुताबिक, परिषदीय स्कूल पहली मार्च से सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक संचालित होंगे।

बच्चों के स्वागत के लिए परिषदीय स्कूलों को गुब्बारों, झंडियों और रंगोली से सजाया गया। कोरोना आपदा के दौरान स्कूलों के बंद रहने की वजह से बच्चों की पढ़ाई का जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई के लिए परिषदीय स्कूलों में 100 दिवसीय प्रेरणा ज्ञानोत्सव अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत बच्चों के सीखने-समझने के स्तर का प्रारंभिक आकलन कर उन्हें उपचारात्मक शिक्षा देने पर जोर होगा ताकि वे कक्षा के अनुरूप लर्निंग आउटकम हासिल कर सकें। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों की ओर से मोहल्लों और गांवों में शिक्षा चौपाल भी आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।

Up reopen school 1

गौरतलब कि कोरोना संक्रमण के कारण शासन ने पिछले साल 13 मार्च को प्रदेश में कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया था।

कक्षाएं संचालित करने को जारी किया गया शेड्यूल 

  • कक्षाएं सुबह नौ से तीन बजे तक चलेंगी।
  • सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा एक व पांच की कक्षाएं।
  • मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो व चार की कक्षाएं।
  • बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन की कक्षाएं संचालित होंगी।

कोरोना से सुरक्षा के मद्देनजर जारी किए गए विद्यालयों को निर्देश

  • बच्चों में छह फीट की दूरी और मास्क लगाना जरूरी होगा।
  • नए दाखिलों के दौरान आहर्ताएं पूरी करने के लिए अभिभावक को ही बुलाया जाए, न कि बच्चों को।
  • विद्यालयों को आयोजनों से बचना होगा। अगर आवश्यक हो तो शारीरिक दूरी का ध्यान रहे।
  • खेलकूद और अन्य प्रकार के कार्यक्रम नहीं होंगे।
  •  विद्यालय में शिक्षकों एवं छात्रों की नियमित जांच की व्यवस्था की जाए।
  • अगर विद्यालय में कोई कोविड-19 का संदिग्ध हो तो उसे तत्काल आइसोलेट कर दिया जाए।
  • विद्यालयों में कक्ष, शौचालय, दरवाजे, कुंडी, सीट का निरंतर सैनिटाइजेशन हो व साफ-सफाई होनी चाहिए।
  • बच्चों के पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • बच्चे पाठ्य पुस्तकें, नोटबुक, पेन और लंच किसी से साझा न करें।
  • विद्यालय में कक्षों के दरवाजे खुले रखे जाएं। बाहरी वेंडर को विद्यालय के अंदर खाद्य सामग्री बेचने की अनुमति नहीं होगी।
  • बच्चों के रिक्शे, बसों आदि की समुचित सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • जहां तक संभव हो बस पर चढऩे से पहले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए।
  • विद्यालय में प्रवेश के समय बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए।
  • विद्यालय अथवा उसके आसपास स्वास्थ्यकर्मी, नर्स और डाक्टर की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • छात्र-छात्राओं को विद्यालय बुलाने से पहले उनके अभिभावकों की सहमति आवश्यक है।
  • बच्चों के घर वाले अगर उन्हें विद्यालय नहीं भेजना चाहते हैं तो उन्हें घर पर ही पढ़ने की अनुमति दी जाए।
aman yatra
Author: aman yatra

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AD
Back to top button