रूरा अकबरपुर चौराहे पर यूजीसी के खिलाफ करणी सेना का हल्लाबोल, सौंपा ज्ञापन
करणी सेना भारत ने यूजीसी के नियमों को बताया छात्र विरोधी।

कानपुर देहात के रूरा अकबरपुर चौराहे पर आज करणी सेना भारत के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के कथित जनविरोधी निर्णयों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान यूजीसी नीतियों को शिक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद घातक करार दिया। संगठन की मांग है कि सरकार इन निर्णयों को छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से वापस ले।
शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव का आरोप
प्रदर्शन के दौरान करणी सेना भारत के जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह गौर ने कहा कि यूजीसी के हालिया फैसले पूरी तरह से छात्रों के हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इन नियमों से देश की शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। गौर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के इन ‘काले कानूनों’ को वापस नहीं लिया गया, तो संगठन इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए मजबूर होगा।
ज्ञापन के जरिए सुधार की मांग
विरोध प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यूजीसी के नियमों में संशोधन करने और छात्र हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व मधुकर तिवारी, जिला उपाध्यक्ष आलोक सिंह चंदेल और जिला प्रभारी शिव नारायण सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, हालांकि पूरा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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