ग्रामीणों ने रेल मंत्री से की मेमू ट्रेनों के ठहराव को फिर से शुरू करने की मांग
यह मांग विशेष रूप से उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के कानपुर-झांसी रेलखंड पर स्थित गुमटी नंबर 222 (ग्राम ज्यूनिया) पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर की गई है।

कानपुर देहात: कोरोना महामारी के बाद से बंद हुई मेमू पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर कानपुर देहात के ग्रामीणों ने रेल मंत्री को एक पत्र लिखा है। यह मांग विशेष रूप से उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के कानपुर-झांसी रेलखंड पर स्थित गुमटी नंबर 222 (ग्राम ज्यूनिया) पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर की गई है।
क्षेत्रीय बीजेपी कार्यकर्ता इंद्रजीत सिंह परिहार ने रेल मंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस गुमटी पर पिछले 30 सालों से मेमू पैसेंजर गाड़ियों का ठहराव होता रहा है, लेकिन कोरोना काल के बाद से यह बंद हो गया है। इससे नाही ज्यूनिया, रतवा, धनारामपुर, पतरा, सड़वा, भदेसा, निनायों, करसा जैसे 10 से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुमटी नंबर 222 पामा और तिलौची स्टेशनों के बीच में स्थित है, जिसकी दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। पत्र में बताया गया है कि पहले इस रूट पर सिर्फ 10 रुपये में कानपुर सेंट्रल तक का सफर संभव था, जबकि अब लोगों को लगभग 200 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों ने रेल मंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए मेमू गाड़ियां 01813/14 और 01823/24 का ठहराव दोबारा शुरू किया जाए, ताकि गरीब ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। पत्र में कहा गया है कि जब भी ट्रेनों का ठहराव शुरू हो, तो इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी जाए। इस पत्र के साथ, क्षेत्रीय ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं।



