जरा हटके
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शिक्षक समाज के निर्माता ही नहीं होते बल्कि उसकी आने वाली पीढ़ियों के मन को आकार देते हैं
अक्सर कहा जाता है कि आपको जीवन में जितने अच्छे शिक्षक मिलते हैं वे आपकी किस्मत का लिखा होते हैं…
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क्यों सरकारी स्कूल निजी स्कूलों की बराबरी नहीं कर सकते
निजी और सरकारी स्कूलों के बीच समानता न हो पाने के पीछे मुख्य रूप से संसाधन, बुनियादी ढांचा और फीस…
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मंच मिल जाए तो अंगूठा टेक भी ज्ञानी बन जाते हैं
मंच मिल जाए तो शिक्षक को नसीहत देने वालों की लाइन लग जाती है नेता भी, अभिनेता भी और वे…
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शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति के लिए आखिर दोषी कौन
राजेश कटियार,कानपुर देहात। शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति के लिए यह मान लेना कि व्यवस्था में जो कुछ भी गलत…
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समाज में आलोचना की जगह अंध-प्रशंसा ने ली: प्रवीण त्रिवेदी
राजेश कटियार, कानपुर देहात। समाज में कुछ गलत देखकर आवाज उठाना सबसे बड़ा अपराध बन गया है। जो सवाल पूछे,…
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स्मार्ट मीटर बनाम उपभोक्ता अधिकार; तकनीक के दौर में मिली अधिकारों की नई रोशनी
देश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में दर्ज हो गई…
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स्कूलों में नया सेशन शुरू, शिक्षकों पर अटूट विश्वास रखना जरूरी
एक और शैक्षिक सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर आकर ठहर गया और एक नया सत्र दस्तक दे चुका है। यह…
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शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, समाज को दिखाते हैं सदैव नई दिशा
एक शिक्षक केवल व्यक्ति नहीं बल्कि विचार होता है। वह समाज की नींव को संवारने वाला वह शिल्पकार है जिसके…
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प्रधानाध्यापक का लचीलापन बिगाड़ सकता है स्कूल का शैक्षिक माहौल
राजेश कटियार, कानपुर देहात। विद्यालय का प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक मिलनसार दिखने के दबाव में यदि अपनी निर्णय क्षमता खो देता है तो…
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अव्यावहारिक आदेशों ने शिक्षा व्यवस्था का कर दिया बेड़ा गर्क
राजेश कटियार,कानपुर देहात। शिक्षा का सबसे बड़ा कबाड़ा थोथे आदर्शवाद ने किया है। यह भारतीय शिक्षा व्यवस्था की गहराई तक…
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