धोखाधड़ी कर दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले को मिली सजा, कानपुर देहात कोर्ट ने 26 साल बाद सुनाया फैसला
जालसाजी के मामले में अभियुक्त प्रवीण यादव को न्यायालय ने ठहराया दोषी

कानपुर देहात: जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। अकबरपुर पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते 26 साल पुराने धोखाधड़ी के एक मामले में माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2000 का है, जब एक युवक दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था।
अमन यात्रा लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, 5 नवंबर 2000 को मूसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम सरौटा निवासी प्रवीण कुमार यादव पुत्र विद्याराम के खिलाफ थाना अकबरपुर में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। अभियुक्त पर आरोप था कि उसने कूटरचित तरीके से दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देकर शासन और प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 20 दिनों के भीतर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत कोर्ट पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने इस पुराने मामले में मजबूती से साक्ष्य पेश किए। साक्ष्यों के दबाव और प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्त प्रवीण कुमार यादव ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कानपुर देहात ने 16 मार्च 2026 को अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न भरने पर उसे 5 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस की यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक नजीर पेश कर रही है।



