बेसिक शिक्षा में बड़ा बदलाव
देश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए चलाए जा रहे निपुण लक्ष्य के दायरे को अब बढ़ाकर कक्षा 5 तक कर दिया गया है

कानपुर देहात। देश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए चलाए जा रहे निपुण लक्ष्य के दायरे को अब बढ़ाकर कक्षा 5 तक कर दिया गया है। इससे पहले इस महत्वाकांक्षी मिशन के लक्ष्य केवल बालवाटिका से लेकर कक्षा 3 तक के बच्चों के लिए ही निर्धारित थे।इस नए विस्तार को निपुण 2.0 का नाम दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कनिष्ठ कक्षाओं में मूलभूत साक्षरता से वंचित रह गए बच्चों के लर्निंग गैप को खत्म करना और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है। अब चार विषयों के आधार पर तय होंगे ‘निपुण लक्ष्य’पहले चरण में इस मिशन का मुख्य ध्यान केवल बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान यानी बुनियादी भाषा और गणित पर था लेकिन अब दायरा बढ़ने के बाद कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों के लिए चार प्रमुख विषयों के आधार पर नए अधिगम लक्ष्य गणित, पर्यावरण अध्ययन इन नए लक्ष्यों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा और एनसीईआरटी की नई पुस्तकों के साथ मैप किया गया है, ताकि बच्चे केवल रटने के बजाय विषय-आधारित समझ विकसित कर सकें।क्यों पड़ी इस विस्तार की जरूरत?विशेषज्ञों और राष्ट्रीय शैक्षिक सर्वेक्षणों (जैसे परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण) के आंकड़ों के मुताबिक, प्राथमिक स्तर पर एक बड़ी संख्या में बच्चे अपनी कक्षा के अनुरूप बुनियादी पाठ पढ़ने और गणितीय गणनाओं को हल करने में असमर्थ पाए गए हैं। कई बच्चे तीसरी कक्षा तक बुनियादी कौशल हासिल नहीं कर पाते। इसी समस्या को सुधारने और बच्चों को आगे की प्रतियोगी व रचनात्मक शिक्षा के लिए तैयार करने हेतु मिशन को कक्षा 5 तक बढ़ाना बेहद जरूरी माना गया।
जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज- शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग मिशन के इस नए चरण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे देश और विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर रणनीतियां बनाई गई हैं। शैक्षणिक सत्र के लिए ‘निपुण संकल्प कार्यशालाओं’ का आयोजन किया जा रहा है।शिक्षक संकुल बैठकें: नए लर्निंग आउटकम को समझने के लिए शिक्षकों के लिए ब्लॉक और स्कूल स्तर पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। टीचिंग लर्निंग कक्षा 4 और 5 के नए मानकों के आधार पर स्कूलों को नई शिक्षण संदर्शिकाएं और बाल-केंद्रित सामग्रियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।डेटा-आधारित निगरानी: प्रत्येक बच्चे की प्रगति को ट्रैक करने के लिए डिजिटल और डेटा-आधारित असेसमेंट टूल का उपयोग किया जाएगा।सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 की तय समयसीमा के भीतर न केवल शुरुआती कक्षाओं के बच्चे बल्कि प्राथमिक शिक्षा पूरी करने वाले कक्षा 5 तक के शत-प्रतिशत छात्र अपनी कक्षा के अनुसार पूरी तरह निपुण और दक्ष बन सकें।



