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न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम बने उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश शासन के उपभोक्ता मामलों के अनुभाग दो द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में कार्यरत न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम को उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।

Story Highlights
  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश शासन के उपभोक्ता मामलों के अनुभाग दो द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में कार्यरत न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम को उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।

राज्यपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति और कार्यकाल

उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में इस नियुक्ति की घोषणा की गई है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम का कार्यकाल चार वर्ष का होगा या उनकी 67 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले आए, तक रहेगा। उनकी सेवानिवृत्ति तिथि 31 मई, 2025 है।

न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम: एक परिचय

न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम का जन्म 1 जून, 1963 को गोरखपुर में हुआ था। उन्होंने 1982 में डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज, गोरखपुर से विज्ञान में प्रथम श्रेणी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने 1985 में दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर से विधि में प्रथम श्रेणी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

न्यायिक सेवा में लंबा और विविध अनुभव

न्यायमूर्ति श्रीवास्तव 1985 बैच में अपने पहले ही प्रयास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में चुने गए और 1987 में मुंसिफ मजिस्ट्रेट के रूप में शामिल हुए। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज, विशेष सी.जे.एम., अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के रूप में कार्य किया है।

वर्ष 2017 में, उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। उन्होंने जिला न्यायाधीश, सोनभद्र, सहारनपुर और आगरा के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। 4 नवंबर, 2019 से 24 मार्च, 2021 तक, उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जनरल के रूप में कार्य किया।

25 मार्च, 2021 को, उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। 21 जून, 2022 को, उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उन्हें बांदा जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

आयोग की भूमिका और जनता की उम्मीदें

उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। न्यायमूर्ति श्रीवास्तव की नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली और मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय मिल सकेगा। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि उनके अनुभव से उन्हें त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिलेगा।

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