कविता

पवन सुहानी आयी रे..

मनोरम मौसम लेकर इन्द्रधनुष पुष्पों के संग उत्सव मनाने आयी रे पवन सुहानी आयी रे

 

मनोरम मौसम लेकर
इन्द्रधनुष पुष्पों के संग
उत्सव मनाने आयी रे
पवन सुहानी आयी रे

बदरी की सुर कंपन ले
हरीतिमा चुनरी के संग
कोयल के सुर लायी रे
पवन सुहानी आयी रे

श्वेत मोती जल के ले
रमणीय छटा के संग
सावन मनाने आयी रे
पवन सुहानी आयी रे

पंछी को प्रफुल्लित कर
मधुर रस फलों के संग
हरियाली तीज लायी रे
पवन सुहानी आयी रे

मीनाक्षी शर्मा ‘मनुश्री’
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)

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