पहले से कार्यरत बीएड डिग्रीधारकों को मिलेगी बीटीसी के बराबर मान्यता, एनआईओएस से करना होगा ब्रिज कोर्स, सरकार ने दी मंजूरी
यूपी में बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। पहले से परिषदीय स्कूलों में कार्यरत बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थी प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को भी पढ़ाने के योग्य होंगे। इसके लिए उन्हें एक ब्रिज कोर्स करना होगा

कानपुर देहात। यूपी में बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। पहले से परिषदीय स्कूलों में कार्यरत बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थी प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को भी पढ़ाने के योग्य होंगे। इसके लिए उन्हें एक ब्रिज कोर्स करना होगा। इस ब्रिज कोर्स को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने बीएड डिग्री को प्राइमरी कक्षाओं के लिए माना था अवैध-
असल में सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल एक अहम आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस आदेश में बीएड डिग्री को प्राइमरी कक्षाओं यानी कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए अवैध माना था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि बीएड डिग्री धारी प्राइमरी कक्षाओं यानी कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को नहीं पढ़ा सकेंगे। प्राइमरी कक्षाओं को बीटीसी/डीएलएड वाले ही पढ़ा सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में बीएड डिग्रीधारी प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए अपात्र हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए एनआईओएस द्वारा इस ब्रिज कोर्स को तैयार किया गया है जिसमें मुख्य तौर पर बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को प्राइमरी कक्षाओं के टीचिंग मैथर्ड के बारे में बताया जाता है जिसे यूपी सरकार ने मंजूरी दे दी है। यानी यूपी में इस ब्रिज कोर्स को करने वाले बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थी प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए पात्र हों जायेंगे।
एक नंवबर से शुरू हो रही आवेदन प्रक्रिया-
एनआईओएस 6 महीने के ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया आयोजित करेगा। अगले सेशन में दाखिला के लिए 1 नंवबर से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन एनआईओएस की आधिकारिक वेबसाइट dledbr.nios.ac.in पर जाकर किया जा सकता है। विशेष ये है कि 6 महीने का ये ब्रिज कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध है। कोर्स में दाखिला लेने के बाद ट्रेनिंग दिसंबर 2025 से मई 2026 तक चलेंगी।


