प्रेरणा ऐप पर मिड डे मील के तहत दूध और फल वितरण का डेटा अपलोड न करने पर होगी सख्त कार्यवाही
परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है

कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर निर्देशित किया है कि स्कूलों में वितरित होने वाले दूध और फल का पूरा डेटा और तस्वीरें प्रेरणा ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएं। ऐसा न करने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ सीधे विभागीय कार्यवाही की जाएगी। जारी निर्देश के अनुसार शासन द्वारा निर्धारित मेनू के तहत हर सोमवार को फल और बुधवार को दूध का वितरण किया जाता है। वितरण के तुरंत बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक को मौके की तस्वीरें और छात्र उपस्थिति का डेटा प्रेरणा ऐप पर अपलोड करना होता है लेकिन ऐसी जानकारी मिल रही है की कई स्कूलों में दूध और फल का वितरण ही नहीं किया जा रहा है, जिन स्कूलों में वितरण हो भी रहा है वे भी दूध एवं फल वितरण का डाटा प्रेरणा एप पर अपलोड़ नहीं कर रहे हैं। बीएसए ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी विद्यालय में निर्धारित दिन को वितरण नहीं होता है या वितरण के बाद प्रेरणा ऐप पर फोटो व डेटा अपलोड नहीं किया जाता है तो इसे सरकारी आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा।इस लापरवाही को गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखते हुए संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा स्टाफ नियमावली 1973 सिविल सर्विसेज रूल्स 1973 और यूपी गवर्नमेंट सर्वेंट रूल्स 1999 के तहत विभागीय जांच और दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
प्रधानाध्यापक की होगी पूरी जिम्मेदारी-
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक शिथिलता के लिए पूरी तरह से स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक ही जिम्मेदार होंगे।



