मनरेगा मजदूरों का फूटा गुस्सा, 40 दिन काम करने के बाद भी मजदूरी नहीं
माधौगढ़ ब्लॉक के रूपापुर ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरों को 40 दिन मजदूरी करने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

- माधौगढ़ ब्लॉक के रूपापुर गांव का मामला, भुगतान न होने से गहराया आर्थिक संकट
उरई, जालौन। माधौगढ़ ब्लॉक के रूपापुर ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरों को 40 दिन मजदूरी करने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान से लेकर बीडीओ स्तर तक शिकायतें करने के बावजूद जब उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो सोमवार को करीब दो दर्जन मजदूरों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी मजदूरी के भुगतान की मांग की।
रूपापुर निवासी इन मजदूरों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक शिकायती पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। पत्र में उन्होंने बताया कि उन्होंने गांव में तीन चकबंध निर्माण कार्यों में लगभग 40 दिनों तक मजदूरी की है, लेकिन अब उन्हें उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि जब उन्होंने ग्राम प्रधान से इस बारे में बात की, तो प्रधान ने बताया कि खंड विकास अधिकारी द्वारा पेमेंट डोंगल नहीं लगाया जा रहा है, जबकि अन्य ग्राम पंचायतों के भुगतानों का निपटारा हो चुका है।
मजदूरों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि जॉब कार्ड धारकों को 100 दिन की मजदूरी मिलती है, और यदि उनका भुगतान नहीं हुआ तो उनके 35 दिन कम हो जाएंगे। भुगतान न होने से उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से तत्काल उनकी मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।



