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रसूलाबाद में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्यवाही

महिला की मौत के बाद श्री हंस हॉस्पिटल सील,तीन अन्य क्लीनिकों को नोटिस

पुखरायां।कानपुर देहात के रसूलाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए एक अस्पताल को सील कर दिया है।यह कार्यवाही शुक्रवार को एक महिला की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद की गई है।साथ ही एसीएमओ डॉक्टर सुखलाल वर्मा के नेतृत्व में कई निजी क्लीनिकों पर भी छापेमारी की गई,जहां अनियमितताएं पाई गईं।मामला शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बिषधन मार्ग स्थित हंस हॉस्पिटल का है।सुभाष नगर वार्ड निवासी सफाई कर्मचारी सीमा देवी की उपचार के दौरान मौत हो गई।जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।मृतका के पति ने बताया कि सांस लेने में परेशानी होने के चलते उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।उन्होंने आरोप लगाया कि पैसा जमा करने के बाद उन्हें बेहतर इलाज का आश्वासन दिया गया।लेकिन लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की जान चली गई।घटना की जानकारी होने पर शनिवार को एसीएमओ डॉक्टर सुखलाल वर्मा और चिकित्साधीक्षक डॉक्टर दीपक गुप्ता भी हंस हॉस्पिटल पहुंचे।अस्पताल बंद मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे सील कर दिया।यह कार्यवाही सीएमओ डॉ ए के सिंह के निर्देश पर की गई।तत्पश्चात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेला रोड स्थित एक क्लीनिक पर छापेमारी की।जहां आशा बहू शीला यादव अस्पताल का संचालन करती मिलीं।स्थानीय लोगों ने बताया कि यह क्लीनिक उनके पति दीपू यादव चलाते हैं और यहां गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी कराई जाती है।आरोप है कि आशा बहुएं कमीशन लेकर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजती हैं।सुभाग नगर में डॉक्टर संदीप के क्लीनिक पर छापेमारी के दौरान दो महिलाओं को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था।टीम के पहुंचते ही क्लीनिक संचालक फरार हो गया।इस क्लीनिक पर नोटिस चस्पा कर सीलिंग के निर्देश दिए गए।इसी क्षेत्र में एक अन्य क्लीनिक को भी सील किया गया।एएस नर्सिंग होम में भी छापेमारी की गई।यहां कोई भी प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद नहीं मिला।इन कार्यवाईयों के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर मिलीभगत और भेदभाव के आरोप लगाए।उन्होंने प्रदेश सरकार से संबंधित अधिकारियों के फेरबदल की मांग की।एसीएमओ डॉक्टर सुखलाल वर्मा ने बताया कि महिला की मौत के बाद श्री हंस हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है।तीन अन्य क्लीनिकों को भी नोटिस जारी किया गया है।अन्य स्थानों पर छापेमारी के दौरान संचालक फरार मिले।उन्होंने स्पष्ट किया कि अनियमितताओं के खिलाफ यह कार्यवाही भविष्य में भी जारी रहेगी।

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