राजपुर में RSS शताब्दी संचलन, स्वयंसेवकों ने लिया ‘पंच परिवर्तन’ का संकल्प
जिला सहकार्यवाह रवि द्विवेदी बोले: संघ 100 वर्षों से भारत माता की आराधना में लगा है

राजपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आज राजपुर स्थित रामलीला मैदान में पथ संचलन का आयोजन किया गया। संचलन के समापन पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के जिला सहकार्यवाह रवि द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 वर्षों से भारत माता की आराधना और साधना में लगा है, जिसके स्वयंसेवक समाज के विविध क्षेत्रों में भारत को सशक्त और समरस बनाने में दिन-रात लगे हैं।
उन्होंने कहा कि साथ चलना, साथ बोलना, एक जैसा मन बनाना और समता का भाव जगाना ही संचलन का लक्ष्य है। द्विवेदी ने बताया कि संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला हैं, जहाँ शारीरिक और बौद्धिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवक को राष्ट्रभक्त बनाने का काम किया जाता है।
पंच परिवर्तनों पर दिया ज़ोर:
रवि द्विवेदी ने संघ के शताब्दी वर्ष में अपनाए गए ‘पंच परिवर्तनों’ पर ज़ोर दिया। इनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्व का भाव और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवर्तनों के माध्यम से समाज में जन जागरण कर भारत को परम वैभव पर पहुंचाने का हर प्रयास करना है।
उन्होंने कहा कि संघ ने इन सौ वर्षों में समाज को समरस और समता मूलक बनाने हेतु विशेष कार्य किए हैं। संघ का स्वयंसेवक पूरे 24 घंटे संघानुकूल जीवन जीता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को सज्जन शक्ति का जागरण करते हुए इन पांच परिवर्तनों में सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया, ताकि भारत माता की विश्व गुरु की पहचान पुनर्स्थापित हो सके।
राजपुर के खंड कार्यवाह विकास कुलश्रेष्ठ ने बताया कि पथ संचलन रामलीला ग्राउंड से शुरू होकर नगर में होते हुए वापस रामलीला ग्राउंड पर समाप्त हुआ।
इस अवसर पर खंड संघचालक प्रभु शंकर, जीतेन्द्र, खंड कार्यवाह विकास, विवेक, राजवीर, आशीष तिवारी, शिवम, देवेंद्र, सोनू, अंशु, दिनेश और महेश सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



