टीईटी के मुद्दे पर केंद्र का रुख अभी तक स्पष्ट न होने से शिक्षकों में बढ़ रही नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट से टीईटी की अनिवार्यता के आदेश के एक महीने बाद भी केंद्र सरकार द्वारा अपना पक्ष स्पष्ट न करने पर प्रदेश के शिक्षकों में नाराजगी है।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। सुप्रीम कोर्ट से टीईटी की अनिवार्यता के आदेश के एक महीने बाद भी केंद्र सरकार द्वारा अपना पक्ष स्पष्ट न करने पर प्रदेश के शिक्षकों में नाराजगी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश भर के शिक्षक नौकरी को लेकर चिंतित हैं।
विभिन्न शिक्षक संगठनों ने प्रधानमंत्री व शिक्षामंत्री को हजारों पत्र भेजे हैं लेकिन अब तक इस पर केंद्र सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार को इसका समाधान प्राथमिकता से करना चाहिए।
उनका कहना है कि अगर जल्द ही केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो सभी शिक्षक संगठन एक साथ मिलकर देशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वहीं राज्य सरकार भी शिक्षकों के पक्ष में पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी है। अब शिक्षक संगठन कानूनी लड़ाई के साथ-साथ आंदोलन की तैयारी में भी जुट गए हैं।
टीईटी की तैयारी में भी जुटे कई शिक्षक-
कई शिक्षक किसी भी स्थिति में रिस्क नहीं लेना चाहते। उन्होंने टीईटी के सैंपल पेपर खरीदकर तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही वे माक टेस्ट भी दे रहे हैं। कई वाट्सएप ग्रुप पर शिक्षक आपस में आनलाइन लिंक शेयर कर टीईटी का सिलेबस और माक टेस्ट उपलब्ध करा रहे हैं। यानी एक तरफ टीईटी की अनिवार्यता को लेकर विरोध और आंदोलन की तैयारी है, तो दूसरी तरफ कई शिक्षक भविष्य सुरक्षित करने के लिए परीक्षा की तैयारी में जीजान से जुट गए हैं।



