परसौली गांव में रामलीला का शुभारंभ, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने फीता काटकर किया उद्घाटन
मंत्री ने कहा, भगवान राम के आदर्शों पर चलकर ही नए भारत का नया उत्तर प्रदेश विकास कर रहा है

- राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने परसौली गांव में रामलीला का उद्घाटन किया।
- उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों पर चलकर ही विकास संभव है।
- पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी और भाजपा नेता अंशु तिवारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- रामलीला कमेटी ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
- कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रनियां के पास स्थित परसौली गांव के संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर में गुरुवार को भव्य रामलीला का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य मंत्री और सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान राम के आदर्शों का अनुसरण करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में रामलीला कमेटी के सदस्यों, धर्मेंद्र कुशवाहा, इंद्र बहादुर कुशवाहा और राम अवतार कुशवाहा ने राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी और भाजपा नेता अंशु तिवारी का माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। इसके बाद, मंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने मिलकर भगवान श्री राम और शेषावतार भगवान लक्ष्मण की आरती की और लीला का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि जहाँ ज्ञान और नेतृत्व के प्रति सच्ची निष्ठा होती है, वहाँ सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की कथा से हमें यही सबसे बड़ा संदेश मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि आज का नया भारत और नया उत्तर प्रदेश भगवान राम के आदर्शों पर चलकर ही विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है।
भाजपा नेता अंशु तिवारी ने भी इस मौके पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें भगवान श्री राम के चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक हम उनके आदर्शों पर चलते रहेंगे, जीवन में कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं हो सकेगी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में इंद्र बहादुर कुशवाहा, महेश उर्फ अग्ननू दाद्दा, राम अवतार कुशवाहा, राम जी कुशवाहा, अमर सिंह, अंकित परमार, रामबाबू सैनी, भारत सिंह यादव, राजेंद्र यादव, राकेश और हरिश्चंद्र सहित कई लोगों का योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन राम जी कुशवाहा ने किया।



