विजया दशमी पर्व पर आयोजित मेले में उमड़ी भीड़, खराब मौसम के बावजूद आस्था अडिग
अकबरपुर के ऐतिहासिक रामलीला मेले में इस वर्ष भी राम-रावण युद्ध की लीला पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। इस भव्य और परंपरागत आयोजन को देखने के लिए अकबरपुर नगर तथा आसपास के ग्रामों से हजारों की संख्या में धर्म अनुरागी लोग मेला परिसर
- भगवान राम की सवारी का किया गया जगह जगह स्वागत
सुशील त्रिवेदी, कानपुर देहात। अकबरपुर के ऐतिहासिक रामलीला मेले में इस वर्ष भी राम-रावण युद्ध की लीला पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। इस भव्य और परंपरागत आयोजन को देखने के लिए अकबरपुर नगर तथा आसपास के ग्रामों से हजारों की संख्या में धर्म अनुरागी लोग मेला परिसर, अकबरपुर इंटर कॉलेज मैदान, में उमड़ पड़े। भीड़ में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की गई, जो इस आयोजन के प्रति गहरी आस्था को दर्शाती है।
बारिश ने डाली बाधा, फिर भी नहीं डिगा उत्साह
रामलीला आयोजन के लिए इस वर्ष भारी वर्षा एक चुनौती बनकर सामने आई। जानकारी के अनुसार, कल और आज सुबह 5 बजे से 11 बजे तक जमकर वर्षा हुई, जिससे आयोजन स्थल पर कीचड़ हो गया। इस कारणवश, रावण और मेघनाद के पुतलों को देर शाम तक खड़ा नहीं किया जा सका। इसके बावजूद, जैसे ही भगवान राम की सवारी आयोजन स्थल पर पहुँची, हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ भी उत्साह के साथ मैदान में पहुँच गई।
155 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन
ज्ञातव्य है कि 155 वर्ष पुरानी इस रामलीला आयोजन की परंपरा का निर्वहन करते हुए, अंत में अत्याचारी रावण के पुतले को आग के हवाले किया गया। पुतला दहन होते ही पूरा परिसर “भगवान राम के जयकारों” से गूंज उठा।
इस ऐतिहासिक रामलीला और विजय दशमी उत्सव में कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें राज्य मंत्री माननीय प्रतिभा शुक्ला, जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, जितेंद्र सिंह गुड्डन, राम जी मिश्र, प्रशांत ओमर, बबलू भारती, सहित अन्य अधिकारी और नेतागण उपस्थित रहे। अधिकारियों और नेताओं की उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया।
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