श्री राम जानकी आश्रम गौरियापुर का परंपरागत समारोह 28 फरवरी से होगा प्रारंभ
जनपद के ग्राम गौरियापुर स्थित महान संतों की तपस्थली श्रीराम जानकी आश्रम व संस्कृत महाविद्यालय के अंतर्गत आज से श्रीहरिहरात्मक पंचकुंडीय महायज्ञ और श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ होगा।

- दो व चार मार्च को शुभ यज्ञोपवीत संस्कार के लिए पंजीकरण शुरू
सुशील त्रिवेदी, जनपद के ग्राम गौरियापुर स्थित महान संतों की तपस्थली श्रीराम जानकी आश्रम व संस्कृत महाविद्यालय के अंतर्गत आज से श्रीहरिहरात्मक पंचकुंडीय महायज्ञ और श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ होगा।
यह सूचना देते हुए आश्रम के महंत श्री देवनारायण दासजी महाराज ने बताया कि यह विशाल आयोजन श्रीरामचरितमानस अखंडपाठ के उन्तालीसवें वार्षिकोत्सव के रूप में आयोजित हो रहा है। ज्ञातव्य है कि उक्त आश्रम में विगत 39 वर्ष से श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ अनवरत चल रहा है। श्री महाराज जी ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत बालकों के यज्ञोपवीत संस्कार 2 मार्च और 4 मार्च को संपन्न होंगे। जो लोग अपने बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार यज्ञ में करवाना चाहते हैं वे आश्रम में संपर्क करके अपना पंजीकरण करवा लें। इसके साथ ही विद्वान आचार्यों के द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का वाचन किया जाएगा।
उन्होंने इस यज्ञ के नाम श्री हरिहरात्मक शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि इस यज्ञ में हरि अर्थात भगवान् विष्णु और हर अर्थात भगवान् शंकर इन दोनों देवताओं की संयुक्त रूप से सुयोग्य यज्ञाचार्यों द्वारा वेद मंत्रों से आहुतियां समर्पित की जाएगी, इसलिए इस यज्ञ को श्री हरिहरात्मक पंचकुंडीय महायज्ञ कहा जाता है। 7 मार्च को यज्ञ की पूर्णाहुति, प्रसाद वितरण और विशाल भंडारा आयोजित होगा। उन्होंने सभी भक्तों को इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया है।



