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ग्राम पंचायत केशमपुर पसईपुर का वाटर कूलर बना कबाड़

ब्लॉक भाग्यनगर के अंतर्गत पंचायत केशमपुर पसईपुर में वाटर कूलर सफेद हाथी बना खड़ा है। जिसे एक साल से खराब पड़े वाटर कूलर को सही कराना मुनासिव नही समझा गया।

फफूंद,औरैया।  ब्लॉक भाग्यनगर के अंतर्गत पंचायत केशमपुर पसईपुर में वाटर कूलर सफेद हाथी बना खड़ा है। जिसे एक साल से खराब पड़े वाटर कूलर को सही कराना मुनासिव नही समझा गया। तथा मरम्मत न होने के कारण वाटर कूलर को खोलकर एक साइड में रख दिया गया, और प्रधान के द्वारा ग्रामीणों से एक हफ्ते का वादा कर आज एक महीना हो जाने पर भी वाटर कूलर को  रिपेयर नही कराया गया। जिसको लेकर ग्रामीणों ने एकत्रित होकर जिले के आला अधिकारियों से गुहार लगाई। ऐसी तिलमिलाती हुई धूप व लू में आने जाने वाले राहगीरों व ग्रामीणों को ठंडे पानी की सुविधा ना होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। लेकिन ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव ने वाटर कूलर के प्रति ध्यान नही दिया।

 

केशमपुर पसईपुर गंम्भीर परिस्थितियों में ठंडे पानी की एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहा है, तो वहीं आम आदमी एवं राहगीर को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एवं ग्राम पंचायत केशमपुर पसईपुर में वाटर कूलर को कबाड़ बनाकर साइड में रख कर नया कारनामा किया गया। प्रधान और मंत्री के द्वारा जिसको लेकर ब्लाक भाग्यनगर तथा जिला प्रशासन के आलाधिकारी बने बैठे मूक दर्शक। एवं सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। जहां पर आश्रम के महंत का कहना है की आश्रम पर दूर-दूर से महात्माओं का आना-जाना हर समय बना रहता है, और राहगीर भी यहां आश्रम पर रुककर ठंडा पानी पीने की चेष्टा रखते हैं, लेकिन ग्राम प्रधान तथा पंचायत सचिव  वाटर कूलर को नहीं सुधरवाने की एक कसम सी खा कर बैठे हैं , कि हमे नहीं रिपेयर कराना हैं, चाहे कुछ भी हो जाय।

 

जिससे आमजन व आश्रम के महंत जनों को ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, और इस दहकती हुई लू में गला सूखने के कारण महात्माओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तथा पानी की किल्लत से कबीर विज्ञान आश्रम के महंत अखंडा दास महाराज  बंसीलाल, नाथूराम, रतन दास, अमर सिंह, कैलाश, इंदल, कमलेश कुमार मिस्त्री, आदि संतो ने ठंडे पानी के लिए कई बार प्रधान को अवगत कराया लेकिन प्रधान व सचिव के द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गयी। जिससे महंन्तजनों व ग्रामीणों सचिव व प्रधान से तंग होकर उच्चाधिकारियो से वाटर कूलर सही कराये जाने की मांग की है।

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