सिकंदरा में युद्ध जैसी स्थित से निबटने के लिए प्रशिक्षण
सिकंदरा थाना परिसर में युद्ध जैसी आपात स्थिति से निबटने के लिए बुधवार को विशेष मॉकड्रिल और जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।एसडीएम शालिनी उत्तम की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों,प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों को आपात स्थिति के लिए तैयार करना था।एसडीएम ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए पहले से तैयारी जरूरी है

- एसडीएम ने कराई मॉकड्रिल,ब्लैकआउट का अभ्यास
पुखरायां।सिकंदरा थाना परिसर में युद्ध जैसी आपात स्थिति से निबटने के लिए बुधवार को विशेष मॉकड्रिल और जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।एसडीएम शालिनी उत्तम की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों,प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों को आपात स्थिति के लिए तैयार करना था।एसडीएम ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए पहले से तैयारी जरूरी है।उन्होंने बताया कि युद्ध जैसी स्थित में नागरिकों की भूमिका भी सुरक्षाबलों जितनी महत्वपूर्ण होती है।ऐसी स्थित में पूरे समाज को एकजुट होकर सामना करना होता है।कार्यशाला में सायरन की पहचान,बंकर में शरण लेने प्राथमिक चिकित्सा और संचार माध्यमों के उचित प्रयोग की जानकारी दी गई।पुलिस,स्वास्थ्य विभाग,अग्निशमन विभाग,नागरिक सुरक्षा बल,होमगार्ड और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने आपात स्थिति में बचाव ने सुझाव दिए।कार्यक्रम में रात 8.00 से 8.10 बजे तक ब्लैकआउट का अभ्यास करने की घोषणा की गई।
लोगों से अपील की गई कि वे इस दौरान सभी बिजली उपकरण,लाइट,इन्वर्टर,जनरेटर बंद रखें।साथ ही खिड़कियों और दरवाजों के पर्दे बंद रखें ताकि कोई रोशनी बाहर न दिखे।सभी सदस्यों को एक जगह सुरक्षित रखें।खासकर बच्चों,बुजुर्गों और दिव्यागजनों को।रेडियो,मोबाइल या अन्य माध्यमों से सरकारी निर्देश सुनते रहें।पड़ोसियों को भी सतर्क करें।विशेषकर अकेले रह रहे लोगों को।जरूरी दवाइयां और टॉर्च आदि सामान पहले से तैयार रखें।मॉकड्रिल के अंतर्गत एक काल्पनिक स्थिति प्रस्तुत कर लोगों को सुरक्षित निकासी,प्राथमिक उपचार व्यवस्था,राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया।यह अभ्यास पूर्णतः वास्तविक परिदृश्य की तरह आयोजित किया गया ताकि संबंधित विभागों को आपसी समन्वय क्षमताओं की परीक्षा ली जा सके।एसडीएम ने कहा कि मॉकड्रिल न केवल जनपद प्रशासन की तैयारी को परखने का माध्यम है बल्कि आम नागरिकों के बीच सुरक्षा,संयम और सहयोग की भावना को भी प्रबल करने में सहायक है।ऐसे आयोजनों से जनमानस में विश्वास एवं चेतना का विकास होता है जो किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थित का सामना करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।



