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अकबरपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता और लोकतंत्र सेनानी बागीश चंद्र मिश्र का निधन, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

कानपुर देहात मुख्यालय, अकबरपुर के सिद्ध नगर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता और लोकतंत्र सेनानी पंडित बागीश चंद्र मिश्र का आज निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।

कानपुर देहात मुख्यालय, अकबरपुर के सिद्ध नगर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता और लोकतंत्र सेनानी पंडित बागीश चंद्र मिश्र का आज निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के बाद वे घर लौट आए थे, लेकिन आज सुबह अचानक उनकी हृदय गति रुक गई, जिससे उनका देहांत हो गया।


राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

पंडित मिश्र के निधन की खबर मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे। उन्हें लोकतंत्र सेनानी से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद, उनका अंतिम संस्कार जीटी रोड के पास स्थित ड्योढ़ी घाट पर किया गया, जहाँ उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।


सामाजिक और राजनीतिक जीवन में रहा अहम योगदान

अपने जीवन के 80वें पड़ाव पर पहुंचे पंडित बागीश चंद्र मिश्र ने सामाजिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा से की थी। बाद में उन्होंने जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए आजीवन काम किया। 1975 के आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा, जिसके बाद उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया गया। उनके तीन पुत्र, विकास, विवेक और विज्ञान, ने भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वकालत का पेशा अपनाया।


श्रद्धांजलि देने वालों का तांता

उनके निधन की खबर से पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर व्यापारी, शिक्षक, अधिवक्ता, पत्रकार और समाजसेवियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि देने वालों में नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गुड्डन, रामलीला समिति के पूर्व अध्यक्ष सूर्यकांत त्रिपाठी, लोकतंत्र सेनानी दुर्गा प्रसाद पांडे, कमलेश पांडे, सहायक जिला अधिवक्ता विमल द्विवेदी, व्यापारी पप्पू अग्रवाल, सरकारी कर्मचारी रजनीश द्विवेदी, पत्रकार हनुमान गुप्ता, अंजनी पांडे, पीयूष दीक्षित और अन्य कई अधिवक्ता एवं नागरिक शामिल थे।

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