कानपुर में व्यापार सुगमता बढ़ाने पर मंथन, उद्योगपतियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कानपुर में 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष, श्रीमती मीता राजीवलोचन, ने मर्चेंट चैंबर में स्थानीय उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया।

- टास्क फोर्स की अध्यक्ष मीता राजीवलोचन ने की उद्यमियों से मुलाकात, समस्याओं पर हुई चर्चा
कानपुर नगर: कानपुर में ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष, श्रीमती मीता राजीवलोचन, ने मर्चेंट चैंबर में स्थानीय उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य भूमि, भवन निर्माण, श्रम, उपयोगिताएँ और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नियमों को सरल बनाना था।
कार्यकम की शुरुआत में, अध्यक्ष ने उपस्थित लोगों से परिचय प्राप्त किया और इस टास्क फोर्स के गठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों की स्थापना में लगने वाले समय को 400 दिनों से कम किया जाए और कौशल अंतर को दूर करने के लिए उद्योग जगत और विश्वविद्यालयों के बीच एक साझा मंच बनाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) और नगर निगम में भूमि रूपांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का सुझाव भी दिया।
प्रमुख सुझाव और चर्चा:
- इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के चेयरमैन आर.के. अग्रवाल ने भूमि को लीजहोल्ड के बजाय फ्रीहोल्ड करने की मांग की। उन्होंने श्रम नियमों के लिए एक डिजिटल रजिस्ट्री बनाने और कुशल श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए स्किल मैपिंग करने का सुझाव भी दिया।
- आईआईए के आलोक अग्रवाल ने ट्रेड्स प्लेटफॉर्म पर सरकारी विभागों को भी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के साथ जोड़ने का सुझाव दिया।
- लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि लाडली प्रसाद गुप्ता ने 1000 दिनों की एनओसी को वैधता देने की बात कही।
- पीआईए के अध्यक्ष बृजेश अवस्थी ने एमएसएमई नीति 2022 के मामलों में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की।
- डॉ. आशीष अग्रवाल (इनजाइन टेक्नोलॉजी) ने सरकारी खरीद में एमएसएमई को 25 प्रतिशत ऑर्डर देने के नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया।
इस दौरान, जिलाधिकारी और उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने उद्योग जगत को आश्वस्त किया कि जिले में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानपुर को औद्योगिक नीतियों के माध्यम से निवेश का केंद्र बनाया जाएगा।
उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने बैठक में शामिल होने के लिए अध्यक्ष महोदया, सभी औद्योगिक संगठनों और सरकारी अधिकारियों को धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी, अपर नगर आयुक्त जगदीश यादव, सचिव केडीए अभय पाण्डेय, उपमहाप्रबंधक सलिल यादव और एसडीएम विवेक कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे।



