संदलपुर में निजी क्लीनिक में एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्यवाही
झोलाछाप का क्लीनिक सील,जांच में मिले उपकरण
- एसीएमओ डॉ एस एल वर्मा की टीम ने की कार्यवाही
- कार्यवाही के दौरान कई झोलाछाप क्लीनिक संचालक क्लीनिक छोड़ फरार
कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे में एक निजी क्लीनिक में एक मरीज की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है।एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा संचालित कटियार पॉलीक्लिनिक और पास की एक पैथोलॉजी को सील कर दिया गया है।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्यवाही के दौरान कई बगैर रजिस्ट्रेशन वाली क्लीनिक और पैथोलॉजी के संचालक अपनी दुकानें खुली छोड़ फरार हो गए।जानकारी के मुताबिक मंगलपुर थाना क्षेत्र के हिसांवां गांव निवासी रवींद्र 48 वर्ष को कुछ दिन पूर्व जुकाम बुखार की शिकायत होने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए संदलपुर कस्बा स्थित कटियार पॉलीक्लिनिक ले गए।जहां पर कथित झोलाछाप डॉक्टर ने उनका उपचार किया।रविवार को रवींद्र की अचानक तबियत बिगड़ गई।
क्लीनिक संचालक ने परिजनों को सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।परिजन उन्हें लेकर हवासपुर सीएचसी पहुंचे।जहां मौजूद चिकित्सक ने परीक्षण उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया।मामले की जानकारी मिलते ही संदलपुर चौकी पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही से इलाज करने का गंभीर आरोप लगाया।सोमवार को समाचारपत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
एसीएमओ डॉ एस एल वर्मा,सीएचसी हवासपुर प्रभारी डॉ गौरव पाल,डॉ योगेश शुक्ला समेत टीम ने मौके पर जांच की।जांच में कटियार क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं।टीम ने क्लीनिक के सामने वाले मकान में छिपाए गए उपकरण भी बरामद किए।संदलपुर स्थित पाल पैथोलॉजी के संचालन में भी अनियमितताएं मिलने पर दोनों संस्थानों को तत्काल सील कर दिया गया।बताया जा रहा है कि पाल पैथोलॉजी के संचालक सीलिंग कार्यवाही के कागज लेने से पहले ही फरार हो गए। एसीएमओ ने चेतावनी दी है कि बगैर अनुमति संचालित किसी भी क्लीनिक या पैथोलॉजी पर इसी प्रकार की सख्त कार्यवाही की जाएगी।उन्होंने हवासपुर सीएचसी समेत सभी चिकित्सा प्रभारियों को लगातार निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।



