आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले एक मामले में दो सगे भाइयों को 5 वर्ष की कैद व 10 हजार अर्थ दण्ड
जनपद के सिकंदरा थाने में 2018 की घटना, मृत्तिका के हाथ पर लिखा सुसाइड नोट बना दोष सिद्धि का आधार

- मृत्तिका के हाथ पर लिखा सुसाइड नोट बना दोष सिद्धि का आधार
सुशील त्रिवेदी, कानपुर देहात। जनपद एवं सत्र न्यायालय में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की ओर से आत्महत्या के मामले में अभियुक्तों दो सगे भाइयों को 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई साथ ही 10 हजार रुपये बतौर अर्थ दण्ड भी किया गया जिसमें से आधी धन राशि मृतका के पिता को दी जाएगी।
मामले की पैरवी उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल प्रदीप पांडे की ओर से की गई थी।इस सम्बन्ध में श्री पांडेय ने बताया कि जनपद कानपुर देहात के सिकंदरा थाना अंतर्गत ग्राम रसधा न निवासी नेहा उम्र(23) वर्ष ने दो लोगों द्वारा लगातार परेशान किए जाने को लेकर आत्महत्या कर ली जिसकी लिखित तहरीर नेहा के भाई अमित कुमार पुत्र अमर सिंह ने सिकंदरा थाने में 18 मार्च 2018 प्रस्तुत करते हुए कहा कि उसकी बहन नेहा कुंज बिहारी महा विद्यालय की छात्रा थी विद्यालय जाते समय उसी गाँव निवासी संजय उर्फ संजू तथा उसका भाई सोनू कुमार अक्सर छेड़छाड़ करते थे और शादी का दबाव बनाते थे जिससे दुखी होकर उनकी बहन ने आत्महत्या कर ली और अपने हाथ पर सुसाइड नोट भी लिखा है जिसकी जाँच पुलिस द्वारा करायी गयी।
श्री पांडेय ने बताया कि माननीय न्यायालय ने हस्त लेखन का परीक्षण कराया और उसी के आधार पर दोनों भाइयों को सजा सुनाई गई है।



