रनिया नगर पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग तेज: चार सभासद भूख हड़ताल पर, एक की हालत बिगड़ी
चौथे दिन चार सभासद भूख हड़ताल पर बैठे, प्रशासन में मचा हड़कंप

रनिया: नगर पंचायत रनिया में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिशासी अधिकारी (ईओ) की कार्यप्रणाली के विरोध में सभासदों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। सोमवार से जारी अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन गुरुवार को चार सभासद भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कड़ाके की ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे बैठे जन प्रतिनिधियों की सेहत बिगड़ने लगी है, जिससे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है।
अस्पताल से लौटकर फिर धरने पर बैठे अनूप त्रिवेदी
भीषण सर्दी के बीच धरने पर बैठे सभासद अनूप त्रिवेदी की हालत बुधवार आधी रात को अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द और उल्टी की शिकायत होने पर परिजनों ने अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, अपने संकल्प पर अडिग अनूप त्रिवेदी गुरुवार शाम को अस्पताल से छुट्टी कराकर वापस धरना स्थल पर पहुंच गए और अन्य साथियों का उत्साह बढ़ाया।
चार सभासदों ने शुरू की भूख हड़ताल
आंदोलन के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार से विशाल सिंह सेंगर, सचिन शर्मा, प्रशांत कुमार और सोनू कमल भूख हड़ताल पर चले गए हैं। जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धरना स्थल पर पहुंचकर सभासदों का परीक्षण किया। पीएचसी प्रभारी डॉक्टर विशाल भसीन की निगरानी में टीम ने सभासदों के ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच की।
तहसीलदार की वार्ता रही बेनतीजा
देर शाम तहसीलदार पवन कुमार भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे सभासदों से बातचीत की और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। इस पर सभासदों ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मांगें जब तक पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सभासदों ने तहसीलदार से शुक्रवार तक का समय मांगा है, जिसके बाद वे अपना अगला फैसला सुनाएंगे। तहसीलदार ने बताया कि सभासदों से लिखित में समस्याएं मांगी गई हैं और जांच के बाद उचित कार्यवाही का भरोसा दिया गया है।
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