कानपुर देहात सीडीओ विधान जायसवाल का सख्त तेवर: मलासा की बिहारी गौशाला में मिली खामियां, 2 दिन में कैमरे न लगे तो गिरेगी गाज
बदहाल गौशाला देख बिफरे मुख्य विकास अधिकारी, प्रधान और सचिव को खड़ंजा दुरुस्त करने की दी चेतावनी

- गौवंशों की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: सीडीओ ने परखा भूसा, वर्मी कंपोस्ट यूनिट बनाने के दिए कड़े निर्देश
कानपुर देहात। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने शुक्रवार को विकास खंड मलासा की ग्राम पंचायत बिहारी में संचालित अस्थायी गो-आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने गौवंशों के रखरखाव, चारे की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। मौके पर 49 गौवंश संरक्षित पाए गए और भंडारण में 30 कुंतल भूसा व 8 कुंतल पशु आहार उपलब्ध मिला। सीडीओ ने भूसे की गुणवत्ता की जांच की और संबंधित को नियमित रूप से पौष्टिक चारा खिलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान गौशाला की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी पाई गई। आश्रय स्थल के चारों ओर लगी तार फेंसिंग और जाली कई जगह से टूटी हुई मिली, जिसे तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मुख्य मार्ग से गौशाला तक जाने वाला 50 मीटर का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया, जिससे चारे की ढुलाई और आवागमन में भारी समस्या हो रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान और सचिव को निर्देशित किया कि शीघ्र खड़ंजा निर्माण कराकर उन्हें अवगत कराएं।
सीडीओ ने इस बात पर भी कड़ा रुख अपनाया कि अपर मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद गौशाला में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे नहीं लगवाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 2 दिनों के भीतर कैमरे नहीं लगे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने गोबर के निस्तारण के लिए वर्मी पिट स्थापित कर वर्मी कंपोस्ट तैयार करने और मृत पशुओं के शव निस्तारण में पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान मौजूद रहे।



