NSI ने मनाया 90वाँ स्थापना दिवस: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किया नए हॉस्टल का शिलान्यास
चीनी उद्योग में पारदर्शिता के लिए 'चीनी दर्पण पोर्टल' लॉन्च; युवाओं से शोध पर फोकस करने का आह्वान

कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (National Sugar Institute- NSI), कानपुर ने मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को अपना 90वाँ स्थापना दिवस अत्यंत उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर, भारत सरकार के केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने संस्थान में एक नए 350 बिस्तरों वाले छात्रावास और केंद्रीय मेस के निर्माण का शिलान्यास किया।
आत्मनिर्भरता और शोध पर जोर
अपने संबोधन में, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पिछले 90 वर्षों में संस्थान की गौरवशाली यात्रा की सराहना की और चीनी उद्योग को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में NSI के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थान के युवा प्रौद्योगिकीविदों और इंजीनियरों से चीनी क्षेत्र के सतत विकास के लिए नवाचार और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
जोशी ने संस्थान के पुनर्गठन और नवीनीकरण के लिए आईआईटी कानपुर के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) की सराहना की। उन्होंने जैव ईंधन में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना, टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला, रोग-मुक्त और जलवायु-अनुकूल गन्ना किस्मों के विकास, और इथेनॉल उत्पादन के वैकल्पिक फीडस्टॉक के रूप में मीठी ज्वार (sweet sorghum) पर अनुसंधान कार्यों की सराहना की। उन्होंने आईआईटी कानपुर के सहयोग से नए स्नातक और एम.टेक. कार्यक्रम शुरू करने के लिए भी संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा की।
पारदर्शिता के लिए ‘चीनी दर्पण पोर्टल’ लॉन्च
इस अवसर पर, मंत्री जोशी ने मासिक चीनी कोटा को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के जारी करने के लिए प्रबंधन सूचना प्रणाली पोर्टल (Management Information System Portal), जिसका नाम ‘चीनी दर्पण पोर्टल’ है, को लॉन्च किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पोर्टल मासिक चीनी कोटे के आवंटन में सटीकता और पारदर्शिता लाएगा, जिससे घरेलू कीमतों में स्थिरता और चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
किसानों का सम्मान और ‘शर्कराशिरी’ पुरस्कार
मंत्री ने कार्यक्रम में प्रगतिशील गन्ना किसानों को भी सम्मानित किया और उन्हें उद्योग की वास्तविक रीढ़ बताया। साथ ही, चीनी उद्योग में तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार के लिए प्रतिष्ठित “शर्कराशिरी” पुरस्कार भी प्रदान किए गए। प्रल्हाद जोशी ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और चीनी तथा संबद्ध उद्योगों में उनके अतुलनीय योगदान की सराहना की।
सहकारी चीनी मिलों को सहायता
सहकारी चीनी मिलों (CSMs) की परिचालन दक्षता, उत्पादकता और वित्तीय व्यवहार्यता में सुधार के लिए, मंत्री ने छह सहकारी चीनी मिलों को एक योजना के तहत सैद्धांतिक मंजूरी (In-Principle Approval) पत्र सौंपे। यह योजना मौजूदा गन्ना-आधारित इथेनॉल संयंत्रों को बहु-फीड आधारित इथेनॉल संयंत्रों (जैसे मक्का और चावल का उपयोग) में परिवर्तित करने के लिए ब्याज सबवेंशन प्रदान करती है।
इस मौके पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सचिव संजीव चोपड़ा ने भारतीय चीनी उद्योग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और कहा कि सरकार संस्थान के पुनर्गठन और नवीनीकरण पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में सांसद देवेंद्र सिंह ‘भोले’, उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना विकास एवं चीनी मिल्स मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, विधायक नीलिमा कटियार, एमएलसी अरुण पाठक और संयुक्त सचिव (चीनी एवं संचलन) अश्विनी श्रीवास्तव भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अंत में, NSI की निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
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