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कानपुर देहात में उपखनिजों के उपयोग पर सख्ती, जीएसटी नियमों का पालन अनिवार्य
जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में उपखनिजों के उपयोग और जीएसटी नियमों के पालन पर जोर दिया गया है।

कानपुर देहात: जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में उपखनिजों के उपयोग और जीएसटी नियमों के पालन पर जोर दिया गया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि सभी कार्यदायी संस्थाएं उपखनिजों का उपयोग वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ ही करें और जीएसटी नियमों का सख्ती से पालन करें।
मुख्य बिंदु:
- उपखनिजों का उपयोग: सभी कार्यदायी संस्थाओं को उपखनिजों (जैसे गिट्टी, बालू, मौरंग आदि) का उपयोग वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ ही करने का निर्देश दिया गया है।
- ओवरलोड वाहन: ओवरलोड वाहनों में उपखनिजों के परिवहन पर रोक लगाई गई है।
- परिवहन प्रपत्रों का सत्यापन: परिवहन प्रपत्रों की वैधता की जांच संबंधित पोर्टल से करने के बाद ही बिल का भुगतान किया जाएगा।
- जीएसटी नियम: सभी आहरण वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को हर महीने की 10 तारीख तक जीएसटी आर 7 रिटर्न दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
- बिल में टीडीएस कटौती: उपखनिजों के बिल से टीडीएस कटौती कर खनिज विभाग के निर्धारित लेखाशीर्षक में जमा कराया जाएगा।
जिलाधिकारी का निर्देश:
जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में उपयोग किए जा रहे उपखनिजों का सख्ती से सत्यापन किया जाए।
बैठक में उपस्थित:
- जिलाधिकारी आलोक सिंह
- उपायुक्त वाणिज्य कर
- अपर जिलाधिकारी प्रशासन
- मुख्य कोषाधिकारी
- जिला खान अधिकारी
- कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी
यह निर्णय पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए उठाया गया है। इससे सरकार को राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध खनन पर रोक लगेगी।



