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बीआरसी सरवनखेड़ा में शिक्षकों का एफएलएन प्रशिक्षण संपन्न

बीआरसी सरवनखेड़ा में द्वितीय चरण के शिक्षकों का पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को शिक्षण की नई विधियों की जानकारी प्रदान की गई।

Story Highlights
  • दो कक्षों में 100 शिक्षकों को दी गई शिक्षण की नई विधियों की जानकारी

राजेश कटियार,कानपुर देहात। बीआरसी सरवनखेड़ा में द्वितीय चरण के शिक्षकों का पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को शिक्षण की नई विधियों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान दो अलग-अलग कक्षों में 50-50 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया, जिससे कुल 100 शिक्षक लाभान्वित हुए। प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों क्रमश: अंकित मिश्रा, अग्नीश कुमार, शिप्रा पांडे, श्वेता बाजपेई, अंजली शुक्ला द्वारा एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी) के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।

एनसीईआरटी आधारित नवीन पाठ्य पुस्तकों पर आधारित कार्य पुस्तिका, पठन अभ्यास एवं प्रवाहपूर्ण पठन पर समझ, एकेडमिक वर्ष के शिक्षक संदर्शिका की समग्र समझ के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया साथ ही कक्षाकक्ष में उसके क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रयोग और उपाय भी बताए गए जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर निपुण श्रेणी में लाया जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों को बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित के मूलभूत कौशल विकसित करने की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराया गया।

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों ने इस अवसर का लाभ उठाकर अपने शिक्षण कौशल को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में सहायक लेखाकार मनोज कुमार महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। प्रशिक्षण में टेक्निकल सपोर्टर का कार्य कार्यालय सहायक आशीष कुमार सिंह द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है।

इसमें बच्चों को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल सिखाने के लिए प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों तथा शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित किया जाता है। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों पर केंद्रित होता है जिससे उनमें बुनियादी भाषा और गणितीय कौशल का विकास हो सके। प्रशिक्षण में एआरपी संदर्भदाता अंकित मिश्रा, अग्नीश कुमार, शिप्रा पांडे, श्वेता बाजपेई, अंजली शुक्ला एवं अनुज कुमार, गीतांजलि, रितु गुप्ता, प्रतिभा सिंह, अनुपम देवी, दीप्ती कटियार, रेखा कमल, ममता शाहू, करिश्मा, शिखा, रचना, प्रगति, बंदना सिंह, नेहा कुमारी, श्वेता शुक्ला, उपासना, रेनू गुप्ता, मृदुला, प्रेम कमल, अमित कुमार, विकाश, सुधीर कुमार सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।

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