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ऑनलाइन हाजरी के विरोध में संयुक्त मोर्चा ने किया धरना प्रदर्शन, सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर आक्रोश जारी है। सोमवार को ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में हजारों की संख्या में परिषदीय शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्हें माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रान्तीय संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शासन द्वारा लागू की गई ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में जनपद के समस्त ब्लॉकों से शिक्षक शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों ने पहुंचकर ऑनलाइन हाजिरी समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया।

Story Highlights
  • ऑनलाइन अटेंडेंस समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने जिलाधिकारी कार्यालय मे किया विशाल धरना प्रदर्शन
राजेश कटियार, कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर आक्रोश जारी है। सोमवार को ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में हजारों की संख्या में परिषदीय शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्हें माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रान्तीय संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शासन द्वारा लागू की गई ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में जनपद के समस्त ब्लॉकों से शिक्षक शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों ने पहुंचकर ऑनलाइन हाजिरी समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया।
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संयुक्त मोर्चा के संयोजक अशोक सिंह राजावत ने कहा कि काला कानून वापस नहीं हुआ तो 29 जुलाई को लखनऊ में महानिदेशक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। संयुक्त मोर्चा के इस कार्यक्रम में जूनियर शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा पेंशन बचाओ मंच, विशिष्ट बीटीसी संघ, महिला शिक्षक संघ, यूटा संघ, शिक्षामित्र संघ, अनुदेशक संघ और टीएससीटी आदि तमाम संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एकजुट होकर प्रतिभाग किया। समस्त संगठनों से जिला, ब्लॉक, मण्डल और प्रदेश तक के पदाधिकारियों समेत लगभग तीन हजार से ऊपर शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों ने मिलकर एक स्वर में विरोध की आवाज बुलंद की।
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प्रमुख 7 सूत्रीय मांगे- 

1. ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति शिक्षकों की सेवा परिस्थियों के दृष्टिगत अव्यवहारिक नियमो व सेवाशर्तों के विपरीत है इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाय।


2. सभी परिषदीय शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मियों को अन्य कर्मचारियो की भांति प्रति वर्ष 31 अर्जित अवकाश, हाफ डे सीएल, अवकाश अवधि में विभागीय अथवा सरकारी कार्य हेतु बुलाए जाने पर प्रतिकार अवकाश अवश्य प्रदान किया जाए। अर्जित अवकाश की व्यवस्था न होने से शिक्षक विवाह, 13 दिवसीय संस्कार, परिजन के अस्पताल में भर्ती आदि में कौन सा अवकाश लेंगे।


3. समस्त शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाय क्योंकि अभी हमारे कई शिक्षक साथी सेवानिवृत्त हुए हैं जिनकी पेंशन मात्र 1000-2000 रूपये बन रही है इतने में कैसे बुढ़ापा काटेंगे इस समय उन्हें धन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।


4. सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल करते हुए वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाय और पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को पदोन्नति तिथि से ग्रेड पे के अनुरूप न्यूनतम मूल वेतन 17140/18150 निर्धारित किया जाय। साथ ही शिक्षक/शिक्षिकाओं को उनके मूल जनपद/ऐच्छिक जनपद में स्थानांतरण का अवसर दिया जाय।


5. शिक्षामित्र एवं अनुदेशक जो वर्षों से अल्प मानदेय पर विभाग को पूर्णकालिक सेवाएँ दे रहे हैं उन्हें नियमित किया जाय और जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं होता सामान कार्य सामान वेतन के आधार पर मानदेय निर्धारित किया जाय। बिहार की तरह चिकित्सीय अवकाश का लाभ उन्हें भी दिया जाय।


6. आरटीई ऐक्ट 2009 व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अलोक में परिषदीय शिक्षकों को समस्त गैर शैक्षणिक कार्यों से तत्काल मुक्त किया जाय। ऐसे कार्यों की बहुत लम्बी फेहरिश्त है। साल भर चलने वाला बीएलओ कार्य, एमडीएम, समस्त ऑनलाइन कार्य आदि सब भी इसी श्रेणी में आते हैं।


7. समस्त परिषदीय शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों को सामूहिक बीमा, प्रीमियम मुक्त कैशलेस चिकत्सा सुविधा से आच्छादित किया जाय। शायद यह अकेला ऐसा विभाग है जिसमें सामूहिक बीमा व चिकत्सा की कोई सुविधा नहीं है। अभी भी एक लाख से अधिक विद्यालयों के बच्चें जमींन पर बैठती हैं उनके लिए डेस्क बेंच आदि की व्यवस्था की जाय।


इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से अशोक सिंह राजावत, प्रमोद पाण्डेय, संजय सचान, कुलदीप सैनी, लाल बहादुर सिंह, अशोक कुमार शुक्ला, देवेन्द्र सचान, प्रदीप कुमार यादव, प्रताप भानु सिंह गौर, अखिलेश पाल, गोरेन्द्र सचान, अंजलिगौड़, पारुल निरंजन, रेखारानी विश्वकर्मा, राहत अली, गजेन्द्र सिंह, शिवगोविंद, सन्दीप कुमार, सुरेश राठौर, राहुल, सुमन, मंजीत सिंह, धीरेन्द्र कुशवाहा, अजीत सचान, विनीत मिश्रा, सरस् यादव, राम कुमार कटियार, लोकेन्द्र सचान, महेन्द्रपाल, देवेश दीक्षित, राघवेन्द्र त्रिपाठी, पुष्पेंद्र यादव, श्याम सिंह, पंकज शंखवार, पियूष मिश्रा, निरुपम तिवारी, चंद्रवीर पाल, रामेन्द्र सिंह, महेंद्र यादव, विकास सिंघल, अनुरुद्ध सिंह, शिव कुमार साहू, अमित मिश्रा, गौरव मिश्रा, विकास द्विवेदी, मानवेन्द्र सिंह, महेश गुप्ता, इरफान, प्रमोद पाल, संजीव कटियार, सोनू सिंह, दीप्ती कटियार, राजेन्द्र, प्रदीप निरंजन, अनुपम सचान, जितेंद्र सिंह, शिवकुमार, पुष्कर पाटिल, आलोक दीक्षित, जयश्री अवस्थी, अनुपम प्रजापति, ज्योतिशिखा, मृदुला, नीलशा, प्रज्ञा, मंजू सागर, बिहारी लाल, देवेंद्र, अनंत, अग्नीश, हिमांशु, दीपक, रामविकास, अनिल, शिवनाथ, विवेक तिवारी आदि हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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