कानपुर में बिक रही थी PhD की फर्जी डिग्री लंदन अवार्ड और दुबई कनेक्शन सुन उड़ जाएंगे होश
बिना परीक्षा पास कराने वाले इंटरनेशनल रैकेट का भंडाफोड़ क्राइम ब्रांच ने दो शातिर दबोचे

कानपुर नगर पुलिस ने फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना किदवई नगर पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस धंधे में शामिल दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मनीष उर्फ रवि और अर्जुन यादव के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के विभिन्न फर्जी विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के नाम पर इंटरमीडिएट से लेकर पीएचडी तक की फर्जी मार्कशीट, डिग्री, ग्रेड शीट एवं माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करता था। आरोपी बिना परीक्षा दिलाए ही मोटी रकम लेकर लोगों को डिग्री उपलब्ध कराने का खेल खेल रहे थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नकली मोहरें, लैपटॉप एवं मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने तेलंगाना यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों के नाम का दुरुपयोग कर विभिन्न राज्यों के छात्रों को करीब 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए। पुलिस को जांच के दौरान इनके खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन के भी महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी “GLOBAL BOOK ऑफ EXCELLENCE AWARD UK LONDON” के नाम पर कथित अवार्ड कार्यक्रमों के जरिए भी लोगों से ठगी करते थे। इस फर्जी संस्था के माध्यम से कई सेलिब्रिटीज को अवार्ड देने का दावा कर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाता था। मुख्य आरोपी मनीष ने पूछताछ में अपनी दुबई यात्रा की बात भी स्वीकार की है, जिससे इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने की आशंका है।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी एवं अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश के लिए एसआईटी एवं क्राइम ब्रांच द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है। मामले की विस्तृत जानकारी पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल द्वारा बाइट के माध्यम से दी गई है।



