कानपुर देहात: भोगनीपुर और सिकन्दरा में 11 जून को सजेंगी चौपालें, लोगों को सिखाए जाएंगे बचाव के गुर
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक के बाद प्रशासन अलर्ट; संवेदनशील इलाकों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

कानपुर देहात। मॉनसून की आहट के साथ ही जनपद प्रशासन ने बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। यमुना और अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाली भोगनीपुर और सिकन्दरा तहसीलों में 11 जून को विशेष जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों, राहत कार्यों और आपदा के समय प्रशासन से तुरंत संपर्क साधने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
प्रशासन की यह सक्रियता उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ द्वारा की गई हाई-लेवल समीक्षा के बाद देखने को मिल रही है। 9 जून को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर देहात के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की थी। इस वर्चुअल बैठक में जिले के उन संवेदनशील इलाकों की पहचान की गई जहां हर साल बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसके साथ ही राहत शिविरों, नावों की उपलब्धता, दवाओं के स्टॉक और रेस्क्यू टीमों की तैनाती को लेकर भी रणनीति बनाई गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला मुख्यालय से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उप जिलाधिकारी सिकन्दरा, क्षेत्राधिकारी अकबरपुर और भोगनीपुर व सिकन्दरा के तहसीलदार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। शासन से मिले कड़े निर्देशों के बाद अब जिला प्रशासन धरातल पर उतरकर लोगों को जागरूक करने में जुट गया है। प्रशासन ने क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की है कि वे कल आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के तरीके सीख सकें।



