यूजीसी नियम के विरोध में अकबरपुर में उमड़ा सवर्ण समाज, पदयात्रा निकालकर किया पुतला दहन
हजारों की संख्या में एकत्रित हुए लोगों ने नए कानून वापस लेने की रखी मांग

सुशील त्रिवेदी, कानपुर देहात। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लाए गए विनियम के विरोध में गुरुवार को अकबरपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने पदयात्रा निकालते हुए प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
भार्गव परशुराम सेवा समिति, करणी सेना, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, वैश्य महासभा, मैं ब्राह्मण हूँ महासभा, क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सवर्ण समाज संगठनों से जुड़े लोग दोपहर करीब 12 बजे जनकपुरी मैदान में एकत्रित हुए। यहाँ से पदयात्रा प्रारंभ होकर खादी भंडार, सदर बाजार, पावरहाउस, स्टेट बैंक रोड से होती हुई ओवरब्रिज चौराहे पहुँची।
पदयात्रा के दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और काले झंडे लेकर चल रहे थे। पूरी यात्रा के दौरान आक्रोशित लोगों ने यूजीसी विनियम के खिलाफ गगनचुंबी नारे लगाए। ओवरब्रिज चौराहे पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी विनियम के प्रतीकात्मक पुतले का दहन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के उपरांत युवाओं द्वारा रक्त से लिखित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि उक्त विनियम को निरस्त किया जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का एकतरफा प्रयोग थोपने से पहले सभी वर्गों से व्यापक विमर्श किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार यूजीसी विनियम को वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान अध्यक्ष भार्गव परशुराम सेवा समिति ब्रह्म कुमार द्विवेदी, चेयरमैन दीपाली सिंह, जितेंद्र सिंह गुड्डन, मंजुल शुक्ला, गौरव शुक्ला, मण्डल अध्यक्ष शिवविलास मिश्रा, मनोज निगम, शिवशंकर शुक्ला, आयुष त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष करणी सेना प्रवीण सिंह, अध्यक्ष मैं हूँ ब्राह्मण महासभा दुर्गेश मणि त्रिपाठी, नगर अध्यक्ष व्यापार मण्डल महेश अग्रवाल झब्बू, अर्पित मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, ऋषि पुरवार, मुरली बाबू, दुर्गेशमणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष कायस्थ महासभा वैभव श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष पुखरायां मुकुल पाण्डेय, मुनि तिवारी, पवन अग्निहोत्री, सुशील कौशल छोटे, श्याम बिहारी पाण्डेय, उमंग मिश्रा, प्रभात मिश्रा, सनी गुप्ता, अंशुल बाजपेई, अशोक श्रीवास्तव, शुभम शुक्ला, सरमन तिवारी, अभय मिश्रा आदि हजारों लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान यूजीसी विनियम से आहत होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इटावा विभाग के सह सद्भाव प्रमुख शिवशंकर शुक्ला ने भावुक होकर ओवरब्रिज चौराहे पर सार्वजिनक तौर पर सभी दायित्वों से मुक्त होने की घोषणा कर दी। माइक पर आकर उन्होंने अचानक घोषणा कर सभी को चौका दिया। वे चार दशकों से अधिक समय से संघ में जुड़े रहे हैं।
पूर्व में खण्ड कार्यवाह, तहसील कार्यवाह, जिला संपर्क प्रमुख, जिला व्यवस्था प्रमुख, जिला सह संघचालक आदि दायित्वों पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विचार परिवार की सरकार में इस तरह के विनियम का आना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे हिन्दू समाज में जातिगत वैमनस्यता उत्पन्न होगी।



