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कानपुर देहात : 23 साल पुराने मामले में आरोपी को सजा, 1000 का आर्थिक दंड

यह सजा समाज में कानून और शान्ति व्यवस्था व अपराधों में अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कानपुर देहात:  28.07.2003 को अभियुक्त जयप्रकाश पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम कुसरजा थाना भोगनीपुर जनपद कानपुर देहात के कब्जे से 01 अवैध तमंचा/ कारतूस बरामद होने के सम्बन्ध में अभियोग पंजीकृत किया गया था । जिसमें अभियुक्त जयप्रकाश उपरोक्त को माननीय न्यायालय जे0एम0 भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा दोष सिद्ध करते हुए जेल में बितायी गयी अवधि की सजा एवं ₹ 1,000/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया ।

घटना का विवरण
दिनांक 28.07.2003 को अभियुक्त जयप्रकाश पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम कुसरजा थाना भोगनीपुर जनपद कानपुर देहात के कब्जे से 01 अवैध तमंचा / कारतूस बरामद होने के सम्बन्ध में थाना भोगनीपुर पर मु0अ0सं0 202/2003 धारा 25 आर्म्स एक्ट बनाम जयप्रकाश उपरोक्त पंजीकृत किया गया था।

पुलिस की त्वरित कार्यवाही
विवेचक द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए वादी व गवाहान द्वारा वास्तविक तथ्यों के आधार पर व गवाही देने के आधार पर साक्ष्य संकलन कर विवेचना निस्तारित कर मुकदमें में नामित अभियुक्त जयप्रकाश उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 09.08.2003 को माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया । माननीय न्यायालय में पेश किये गये साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर व अभियुक्त जय प्रकाश उपरोक्त द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर अभियुक्त उपरोक्त को दोषी ठहराया गया ।
अपराधी को सजा दिलाये जाने हेतु ऑपरेशन_कन्विक्शन चलाया जा रहा है। उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चाधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं, इसी क्रम में थाना भोगनीपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन व मॉनिटरिंग सेल द्वारा सतत् एंव प्रभावी पैरवी करते हुए सही तथ्यों पर गवाहान की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष करायी गयी ।

न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय
माननीय न्यायालय जे0एम0 भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 13.03.2026 को अ भियुक्त जयप्रकाश पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम कुसरजा थाना भोगनीपुर जनपद कानपुर देहात द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर दोष सिद्ध करते हुए जेल में बितायी गयी अवधि की सजा व ₹ 1,000/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 01 सप्ताह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह सजा समाज में कानून और शान्ति व्यवस्था व अपराधों में अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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