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कानपुर देहात के कोल्ड स्टोरेज में आग लगने के बाद बवाल: परिजन ने हाईवे जाम किया

कोल्ड स्टोरेज अग्निकांड में झुलसे कर्मचारी की मौत

Story Highlights
  • घटनास्थल: श्री आनंदेश्वर कोल्ड स्टोरेज, अकबरपुर, कानपुर देहात।
  • दुर्घटना: संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से 4 लोग झुलसे।
  • मृतक कर्मचारी: ऋषभ शर्मा (29), निवासी बाड़ापुर, अकबरपुर।
  • विरोध: परिजन ने शव रखकर इटावा-कानपुर हाईवे किया जाम।
  • आरोप: कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर सही इलाज न कराने का आरोप।
  • मांग: कोल्ड स्टोरेज मालिक की गिरफ्तारी और मुआवजा।
  • उपस्थिति: राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारिसी ने परिजनों को समझाया।
  • जाम की स्थिति: एक लेन में करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम।

जनपद कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र में स्थित श्री आनंदेश्वर कोल्ड स्टोरेज में हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने की घटना हुई थी। इस अग्निकांड में कोल्ड स्टोरेज के कई कर्मचारी झुलस गए थे, जिनमें से एक कर्मचारी, ऋषभ शर्मा (पुत्र मन्नालाल शर्मा, निवासी बाड़ापुर, अकबरपुर), की इलाज के दौरान दुखद मौत हो गई।


मुआवजे और मालिक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जाम

 

कर्मचारी ऋषभ शर्मा की मौत के अगले दिन उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने युवक के शव को इटावा से कानपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन इलाज के नाम पर उन्हें टहलाता रहा, जिसके कारण ऋषभ को समय पर सही उपचार नहीं मिल पाया और उनकी मौत हो गई।

गुस्साए परिजनों ने कोल्ड स्टोरेज के मालिक की तत्काल गिरफ्तारी और उचित मुआवजे की मांग करते हुए हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे एक तरफ का ट्रैफिक लगभग 5 किलोमीटर तक थम गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


राज्यमंत्री और पूर्व सांसद ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया

 

घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जाम खुलवाने में जुटे रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसी दौरान, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारिसी भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने मृतक ऋषभ शर्मा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें शांत कराकर समझाने-बुझाने का प्रयास किया। पुलिस और स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में परिजनों को जल्द से जल्द न्याय और सहायता दिलाने का आश्वासन दिया जा रहा है। देर शाम तक जाम खुलवाने की प्रक्रिया जारी रही।

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